इंदौर में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी संग्रहालय

Friday, March 28, 2014

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आयुर्वेद

इंदौर | एजेंसी: मध्य प्रदेश का पहला आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी एवं वनस्पति संग्रहालय इन्दौर में स्थापित किया जा रहा है, इस संग्रहालय में देश-विदेश की लगभग 1500 दुर्लभ जड़ी बूटियां और 400 से अधिक वनस्पति रखी जाएंगी.

आयुर्वेद सोशल वेलफेयर एंड रिसर्च एसोसिएशन द्वारा निर्मित यह संग्रहालय तीन मंजिल भवन में है. एसोसिएशन की प्रांताध्यक्ष पुष्पा श्रीवास्तव ने बताया कि लुप्त हो रही आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्घति को नई पीढ़ी को हस्तांतरित करने के उद्देश्य से यह संग्रहालय स्थापित किया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि इस संग्रहालय में करीब 1500 दुर्लभ किस्म की जड़ी-बूटियां रखी जाएंगी, इनमें थाईलैंड की गिलोय, वाशिंगटन का जामुनी शलजम एवं अन्य देशी-विदेशी औषधियां भी हैं जो कैंसर, मधुमेह, पथरी, लकवा, मायग्रेन, जोड़ों का दर्द, पाईल्स, सायटिका, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के उपचार में अचूक साबित हुई हैं.

उन्होंने बताया कि संग्रहालय की छत पर 400 से अधिक प्रजातियों के देशी-विदेशी दुर्लभ पौधे भी मौजूद रहेंगी, जिनका उल्लेख पौराणिक ग्रंथों में भी किया गया है. इनमें हाथीकंद, सफेद एवं पीला नागदमन, पीला धतूरा, सफेद पलाश, कैलाशपति, सदा मस्तानी, उतरन, खूबकला, सात तरह की तुलसी, मालकांगनी के अलावा अमेरिका के काले आलू, थाईलैंड का ड्रैगन फ्रूट तथा अमेरिका का राष्ट्रीय पौधा भी शामिल हैं.

इस संग्रहालय में दुर्लभ जड़ी बूटियों, जैसे घोड़ाटाप, भूलनी बूटी, मायाजाल, मोहिनी, इन्द्रजाल, जंगली लोंग, समुद्र फेन, अंकोल आदि भी है. 29 व 30 मार्च को संग्रहालय में इन जड़ीबूटियों तथा दुर्लभ पौधों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है. इसके अलावा इसमें 10 वैद्याचार्य मरीजों का उपचार करेंगे.

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