बड़े कदमों से बढ़ेगा भारत-अमरीका व्यापार

Thursday, September 26, 2013

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भारत और अमरीका

वॉशिंगटन | एजेंसी: अमेरिका यात्रा के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से होने वाली मुलाकात से पहले अमेरिकी आर्थिक विशेषज्ञों ने अमेरिका-भारत व्यापार बढ़ाने और द्विपक्षीय आर्थिक संबंध मजबूत करने के लिए मुक्त व्यापार समझौता जैसे नए और बड़े कदम उठाने का सुझाव दिया है.

पीटर जी. पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स के डेनिस वेदरस्टोन वरिष्ठ फेलो डॉ. अरविंद सुब्रमण्यन ने बुधवार को एक सीनेट समिति से कहा, “भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और आर्थिक संबंध के लिए एक व्यापक रणनीतिक ढांचे की जरूरत है.”

उन्होंने भारत में निवेश के माहौल और वित्तीय सेवा क्षेत्र में बाजार में पहुंचने की बेहतर सुविधा के बारे में बताते हुए कहा, “इस ढांचे में निकट भविष्य में मुक्त व्यापार समझौते का सिद्धांत और उसके लिए तैयारी शुरू करने जैसे महत्वपूर्ण तत्व होने चाहिए.”

सुब्रमण्यन ने कहा कि एक सहयोगी साझेदारी स्थापित करने के लिए शुरुआती बिंदु के तौर पर यह समझा जाना चाहिए कि तमाम हितों के टकराव के बाद भी संभावनाएं अनंत हैं. उन्होंने कहा, “पुरस्कार बहुत बड़ा है.”

उन्होंने कहा, “बड़े कदम उठाना बहुत जरूरी है. क्योंकि यह संबंध दो महान लोकतंत्र के बीच है, जिनमें कई समानताएं हैं. क्योंकि यह एक लंबा लक्ष्य है, छोटा लक्ष्य नहीं है. क्योंकि यह एक पक्षीय संबंध नहीं, बल्कि एक बहुआयामी संबंध है.”

उन्होंने कहा, “छोटे कदम उठाने के लिए भी बड़े कदम उठाना जरूरी है.” उन्होंने स्थानीय लहजे में कहा, “चिकेन से संबंधित समस्या सुलझाने के लिए भी आप सिर्फ चिकेन पर ही बात नहीं करते रह सकते हैं.”

मैकलार्थी एसोसिएट्स के दक्षिण एशिया निदेशक रिचर्ड रोसो ने तीन सुझाव दिए.

उन्होंने कहा कि उच्च मानक वाले द्विपक्षीय निवेश समझौते के लिए पुरजोर कोशिश की जानी चाहिए, भारत के महत्वपूर्ण नेताओं के साथ लगातार संबंध बनाया जाना चाहिए और उसे नए स्तर तक ऊपर उठाया जाना चाहिए और भारत के साथ अमेरिकी संबंधों की नियमित तौर पर समीक्षा की जानी चाहिए.

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