प्लैटिनम को तवज्जो दे रहे भारतीय खरीददार

Thursday, September 5, 2013

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प्लैटिनम

नई दिल्ली | एजेंसी: भारत प्लैटिनम आभूषण की खपत वाला दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश बन गया है और व्यापार विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय महिलाएं प्लैटिनम में निर्मित विदेशी और भारतीय कलाओं के मिश्रण वाले गहने पसंद करती हैं.

उद्योग संघ प्लैटिनम गिल्ड इंटरनेशनल (पीजीआई) के मुख्य संचालन अधिकारी निकोलस ग्राहम स्मिथ ने कहा कि चीन, जापान और अमेरिका के बाद भारत प्लैटिनम की खपत करने वाला दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश बन गया है. उनका मानना है कि देश में इस बाजार का और विकास होगा.

पीजीआई प्लैटिनम आभूषण को बढ़ावा देने के लिए काम करता है.

स्मिथ ने कहा, “ऐतिहासिक रूप से भारत आभूषणों को पसंद करने वाला देश रहा है और भले ही आज की पीढ़ी अधिक आधुनिक लगती है, लेकिन जब बात गहनों की आती है, तो वे आधुनिक और पारंपरिक मूल्यों के मिश्रण वाले गहने पसंद करती हैं.”

उनके मुताबिक भारतीय उपभोक्ताओं के लिए मिश्रित कलाओं वाले गहने पसंद करना स्वाभाविक है, क्योंकि वे मुख्यत: भारतीय शैली के परिधान पहनते हैं.

उन्होंने कहा, “उनके परिधानों के साथ पूरी तरह से पश्चिमी डिजाइन का सामंजस्य नहीं बैठेगा. इसलिए भारतीय महिलाओं की पसंद के अनुकूल बनाने के लिए हम प्लैटिनम के आभूषणों में हमेशा पश्चिमी और भारतीय शैली को मिलाने की कोशिश करते हैं.” उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि उनके प्लैटिनम के आभूषणों की डिजाइन अलग तरह की होती है और इन्हें सोने के आभूषणों में नहीं प्राप्त किया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि भारत में ऐसे तो मुख्यत: सोने के गहने ही अधिक पसंद किये जाते हैं, लेकिन युवा आबादी के बीच प्लैटिनम के गहनों की स्वीकार्यता बढ़ती जा रही है.

उन्होंने कहा कि प्लैटिनम यहां सोने को बाजार से हटाने के लिए नहीं आ रहा है, बल्कि दुनिया भर में सोने और प्लैटिनम के गहने साथ साथ बिक रहे हैं.

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