भूटान को प्रौद्योगिकी देगा भारत: मोदी

Monday, June 16, 2014

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भारत-भूटान झंडा

थिंपू | समाचार डेस्क: युवाओं को प्रौद्योगिकी में पूरी तरह सक्षम बनाना है. सोमवार को भूटान के नेशनल एसेंबली और नेशनल काउंसिल की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा भारत, भूटान को पनबिजली के क्षेत्र में सहयोग करेगा. उन्होंने कहा “पनबिजली के क्षेत्र में भारत-भूटान सहयोग मजबूत है. मैं इसे आगे ले जाना चाहता हूं.”

गौरतलब है कि भारत, भूटान को प्रौद्योगिकी के अलावा आर्थिक सहयोग भी करता रहा है. मोदी ने कहा कि भारत की ओर से भूटान में डिजिटल लाइब्रेरी शुरू करने के रविवार को की गई घोषणा का लक्ष्य दोनों देशों के युवाओं को जोड़ना है. उन्होंने कहा, “विश्व के अन्य देशों के साथ भूटानी युवकों के कदम से कदम मिलाने में मदद के लिए जिस किसी प्रौद्योगिकी की आवश्यकता होगी, भारत उपलब्ध कराएगा.”

भूटान में संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए नरेन्द्र मोदी ने पर्यटन की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि आतंकवाद बांटता है जबकि पर्यटन जोड़ने का काम करता है. हिंदी में दिए भाषण में मोदी ने कहा, “भारत में स्थिरता और विकास भूटान जैसे पड़ोसियों की मदद करेगा.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्पष्ट जनादेश पाने के बाद अपने विदेशी दौरे की शुरुआत वह किसी भी बड़े देश की यात्रा कर सकते थे, लेकिन उन्होंने भूटान को चुना. उन्होंने कहा, “लेकिन मैं भूटान आना चाहता था, इसलिए मुझे सोचना नहीं था. हमारा संबंध बेहद घनिष्ठ और मित्रवत है.”

वहीं भारत सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूटान यात्रा को ‘अत्यधिक सफल और संतोषजनक’ करार दिया और कहा कि यह भारत-भूटान संबंधों को मजबूती प्रदान करेगा. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मीडियाकर्मियों को बताया, “यह दौरा बेहद सफल और पूरी तरह से संतोषजनक रहा. यह आगे भारत-भूटान संबंध को मजबूती देगा.”

विदेश मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री ने खेल महोत्सव के आयोजन जैसी कुछ सलाह भूटानी नेतृत्व को दी, जहां भारत के पूर्वोत्तर के राज्य और नेपाल व भूटान हिस्सा ले सकें.”

गौरतलब है कि भूटान, भारत से लगा हुआ एक छोटा सा देश है जिसे भारत प्रौद्योगिकी उपलब्ध करवाता है. वहीं, चीन से लगे होने के कारण भूटान, भारत के लिये सामरिक महत्व लिये हुए है.

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