भारत काले धन का पांचवां बड़ा निर्यातक

Thursday, December 12, 2013

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भारतीय रुपया

वाशिंगटन | एजेंसी:पिछले एक दशक में भारत अवैध धन को बाहर भेजने वाला दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश बनकर उभरा है. यह बात गुरुवार को जारी एक नई रिपोर्ट में कही गई.

ग्लोबल फाइनेंशियल इंटीग्रिटी द्वारा गुरुवार को जारी अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक दशक में भारत ने 34.39 अरब डॉलर बाहर भेजा. भारत से ऊपर अवैध धन का निर्यात करने वाले देशों में पहले से चौथे स्थान पर क्रमश: चीन-107.56 अरब डॉलर, रूस-88.10 अरब डॉलर, मेक्सिको-46.19 अरब डॉलर और मलेशिया-37.04 अरब डॉलर हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक 2002 से 2011 के बीच विकासशील देशों से अपराध, भ्रष्टाचार और कर चोरी के रूप में 5,900 अरब डॉलर बाहर चला गया. वाशिंगटन डीसी स्थित शोध और एडवोकेसी संगठन ने कहा कि अकेले 2011 में ही विकासशील देशों से 946.7 अरब डॉलर बाहर चला गया. यह राशि 2010 में बाहर गई कुल राशि 832.4 अरब डॉलर के मुकाबले 13.7 फीसदी अधिक है.

2002 में विकासशील देशों से बाहर जाने वाले अवैध धन सिर्फ 270.3 अरब डॉलर था.

रिपोर्ट के मुताबिक 2011 में भारत 84.93 अरब डॉलर के साथ सूची में तीसरे स्थान पर था. पहले और दूसरे स्थान पर थे क्रमश: रूस-191.14 अरब डॉलर और चीन-151.35 अरब डॉलर.

जीएफआई अध्यक्ष रेमंड बेकर ने कहा, “वैश्विक अर्थव्यवस्था जहां वित्तीय संकट के बाद लड़खड़ा रही है, वहीं अवैध अंडरवर्ल्ड हर साल विकासशील देशों से अकूत अवैध धन बाहर भेजते जा रहे हैं.”

रिपोर्ट में कहा गया, “इस अध्ययन से दुनिया भर के नेताओं की नींद टूटनी चाहिए और समझना चाहिए कि इस पर बिना देर किए काम शुरू करने की जरूरत है.”

अध्ययन रिपोर्ट जीएफआई के मुख्य अर्थशास्त्री देव कार और कनिष्ठ अर्थशास्त्री ब्रायन लेब्लांक ने तैयार की है.

अध्ययन में कहा गया है कि पिछले एक दशक में विकासशील देशों से अवैध धन के बाहर जाने की विकास दर सालाना 10 फीसदी से अधिक रही है और यह आर्थिक विकास दर से अधिक है. नीति निर्माताओं को इस ओर ध्यान देना चाहिए.

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