भारत-आसियान बन सकते हैं श्रेष्ठ साझेदार

Thursday, November 13, 2014

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नरेंद्र मोदी

नेपेडा | एजेंसी: मोदी ने बुधवार को कहा कि आसियान से जुड़े देशों के साथ भारत के बहुत अच्छे संबंध हैं और दोनों पक्ष श्रेष्ठ साझेदार बन सकते हैं. मोदी ने म्यांमार की राजधनी में 25वें आसियान शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा “आसियान और भारत के पास उनके युवाओं का जोश और उत्साह तथा उनकी प्रचीन सभ्यता का ज्ञान और समझ है.”

उन्होंने कहा, “तेजी से विकसित हो रहे भारत और आसियान एक-दूसरे के लिए श्रेष्ठ साझेदार हो सकते हैं. हम दोनों क्षेत्र में संतुलन, शांति और स्थिरता बढ़ाने के लिए अपना सहयोग बढ़ाने को उत्सुक हैं.”

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को केवल छह महीने हुए हैं, लेकिन भारत पूर्व के साथ अपने संबंधों पर जोर दे रहा है. हमने क्षेत्र को प्राथमिता दी है.

प्रधानमंत्री ने कहा, “आप सभी के साथ हमारे करीबी द्विपक्षीय संबंध हैं और हम आसियान के साथ अपने संबधों को भी वही महत्ता देते हैं.”

उन्होंने कहा कि इस 10 देशों की सदस्यता वाले आसियान ने अपनी पहचान बनाई है और वैश्विक राजनैतिक तथा आर्थिक मामलों पर आवाज उठाई है. उन्होंने कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र को एकीकरण और सहयोग की जरूरत है.

मोदी ने कहा, “इस अतिमहत्वपूर्ण लक्ष्य को पाने के लिए हम आसियान की ओर न सिर्फ इसकी प्रेरणा बल्कि इसके नेतृत्व के लिए भी देखते हैं, आपने हमें उस दिशा में बढ़ाने में बड़ी सफलता पाई है. ”

मोदी ने दोनों पक्षों को लेकर दुनिया के नजरिए पर कहा, “हमारे रिश्ते में कोई अवरोध नहीं है. हम दुनिया में प्रोत्साहक अवसरों और चुनौतियों को उसी तरह से देखते हैं.”

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत में आर्थिक विकास, औद्योगीकरण और व्यापार का नया युग शुरू हो चुका है. भारत की ‘लुक ईस्ट पॉलिसी’ अब ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ बन गई है.”

उन्होंने कहा, “हम उस उत्साह का सम्मान करते हैं, जिसके साथ आपने भारत की ओर मित्रता का हाथ बढ़ाया. आज दुनिया और क्षेत्र को भारत-आसियान की मजबूत साझेदारी की जरूरत है.”

इस दौरान तकीनीकी खराबी के कारण मोदी की भाषण कुछ मिनटों के लिए बाधित हुआ. खराबी ठीक होने के बाद उन्होंने अपना भाषण जारी रखा.

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