फेसबुक के दोस्त ने बचाया छात्रा को

Sunday, June 15, 2014

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फेसबुक पर टिप्पणी

बरेली | एजेंसी: फेसबुक पर हुई दोस्ती दसवीं की एक छात्रा को मुंगेर से बरेली तक खींच लाई. सुनकर यकीन नहीं होता है परन्तु यह सच है. घरवालों से नाराज होकर अपने पुरुष मित्र के पास पहुंची इस छात्रा की किस्मत अच्छी थी कि युवक ने स्टेशन पर लड़की के पहुंचने पर उसके परिवारवालों को फोन पर सूचना दे दी, जिसके बाद लड़की को परिजनों के सुपुर्द किया गया, वरना छात्रा के साथ कुछ भी अनहोनी हो सकती थी.

शहर के एक कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र की फेसबुक पर मुंगेर के प्रतिष्ठित स्कूल की इस छात्रा से दोस्ती हो गई थी. जानकारी के अनुसार लड़की पढ़ने में बहुत अच्छी है और इसी कारण पिता ने उसे एक एंड्रायड फोन दे दिया ताकि वह इंटरनेट से जरूरी जानकारियां जुटाती रहे.

करीब छह महीने पहले जब लड़की नौवीं कक्षा में थी तो उसने एक नाम पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी. लड़कियों जैसा यह नाम बरेली के छात्र का था. मगर छात्र की फोटो नहीं लगी होने के कारण लड़की उसे समझ नहीं पाई थी. इसके बाद जब दोनों का परिचय हुआ तो हकीकत सामने आई लेकिन दोनों की दोस्ती चलती रही.

इस बीच लड़की के लगातार फोन पर व्यस्त रहने के कारण जब उसकी मां ने उसे डांटा तो लड़की ने नाराज होकर लड़के को फेसबुक पर ही मैसेज भेज दिया कि वह घर छोड़ कर उसके पास आ रही है.

युवक ने हामी भर दी तो छात्रा कुछ पैसे व दो बैग में सामान लेकर सियालदाह एक्सप्रेस से बनारस पहुंच गई. इसके बाद भटकते हुए वह गोरखपुर जा पहुंची. जहां से युवक के बताने पर बनारस हरिद्वार एक्सप्रेस पकड़कर वह शनिवार को बरेली जंक्शन पर उतर गई.

इसके बाद युवक प्लेटफार्म पर दोस्तों के साथ छात्रा से मिलने तो आया, लेकिन उसे अपने साथ ले जाने से इंकार कर दिया और समझदारी भरा कदम उठाते हुए फोन पर उसके परिवारवालों को सूचना दे दी.

छात्रा के परिजनों के रेलवे में होने के कारण उन्होंने उसकी जानकारी मिलते ही नरमू के मंडल यंत्री बसंत चतुर्वेदी को दी, जिसके बाद उन्होंने छात्रा को सुपुर्दगी में लेकर परिजनों से उसकी फोन पर बात कराई. इसके बाद छात्रा को काशीपुर से आए उसके चाचा के साथ भेज दिया गया. वहीं पूरे प्रकरण को लड़की की नादानी मानकर लड़के को छोड़ दिया गया.

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