डिस्लेक्सिया पीड़ितों के लिए ई-रीडर वरदान

Thursday, September 19, 2013

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छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम

वाशिंगटन | एजेंसी: डिस्लेक्सिया नाम की बीमारी से ग्रस्त लोग राहत की सांस ले सकते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि ई-रीडर, सरलता से न पढ़ पाने की बीमारी से ग्रस्त लोगों की मदद कर सकता है और उनके बौद्धिक कौशल को बढ़ा सकता है. स्मिथसोनिएन एस्ट्रोफिजिकल वेधशाला के शोधकर्ताओं ने बुधवार को पाया कि ई-पठन, किताबों का एक विकल्प होता जा रहा है. ई-पठन से मिलने वाली सुविधा इसका एकमात्र फायदा नहीं है.

टीम ने खोजा कि ई-पाठक एक पंक्ति में कुछ ही शब्दों को प्रदर्शित कर पाते थे जबकि डिस्लेक्सिया नामक बीमारी से ग्रस्त कुछ लोग ज्यादा आसानी, तेजी और अधिक बुद्धि-कौशल के साथ पढ़ सकते हैं.

इस शोध को ‘पीएलओएस वन’ पत्रिका में 18 सितंबर को प्रकाशित किया गया था.

डिस्लेक्सिक के बहुत से मामलों में ‘ध्यान की कमी’ नाम का एक अवयव कम हो जाता है. इसे कागज पर लिखे शब्दों या पंक्तियों में लिखी पठन सामग्री पर ध्यान केंद्रित करने की असमर्थता के लिए चिह्न्ति किया जाता है.

स्थिमसोनिएन एस्ट्रोफिजिकल वेधशाला के निदेशक और शोध के प्रमुख लेखक मैथ्यू एच. सेक्नेप्स ने कहा, “पढ़ने में कठिनाई उत्पन्न करने वाले इस मानसिक विकार से ग्रस्त जिन लोगों की हमने जांच की, उनमें से कम से कम एक तिहाई लोगों को ध्यान न लगा सकने की समस्या थी. उनको ई-पठन से सहायता मिली.”

उन्होंने कहा, “अध्ययन में दर्शाया गया कि जिन्हें ऐसी समस्याएं नहीं हैं, उनके लिए पठन सामग्री को पढ़ने के लिए परंपरागत तरीके ही बेहतर हैं.”

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