धान की कीमत पर उबले किसान

Friday, September 6, 2013

A A

मंडी छग

कुरुद | विशेष संवाददाता: धमतरी जिले के कुरुद के किसान खेतों में खड़ी खरीफ फसल में खाद, दवा और घर आई तिजहारिनों के लिए उपहार खरीदने लगातार अपने कोठी का धान निकाल मंडी ला रहे हैं, लेकिन यहां दिनों-दिन दाम घटने से किसानों में नाराजगी व्याप्त है. मंडी में व्यापारियों का राज और अधिकारियों की गैर जिम्मेदारी भी क्षेत्र के किसानों को नाराज कर रही है.

गौरतलब है कि तीज त्यौहार की तैयारी और खाद, दवा आदि जरूरतें पूरी करने किसान अपना धान जल्द बेचना चाहते हैं और इसीलिए वे इसे मंडी तक पहुँचा रहे हैं. इसके चलते कृषि नया उपज मंडी कुरूद में रोज हजार-बारह सौ बोरे धान की आवक हो रही है, लेकिन समय पर बोली और धान का उठाव नहीं हो पा रहा है. व्यापारियों की एकतरफा मनमानी के चलते मंडी प्रांगण में बने तीन बड़े-बड़े कवर्ड शेडों को लबालब भरे देखा जा सकता है.

मोंगरा के अम्बेद साहू, गोबरा के भगोली राम, अटंग के नरेश साहू, गाड़ाडीह के दिवाली राम आदि किसानों ने बताया कि मंडी में आवक के दूसरे-तीसरे दिन Šधान की बोली हो रही है. अधिकारियों की लापरवाही का फायदा व्यापारी उठा रहे हैं जिसके चलते किसानों को अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ रही है.

व्यापारियों का धान धीमी गति से उठ रहा है, इससे किसानों के समक्ष धान रखने की समस्या उत्पन्न हो गई है. इस बात से मंडी प्रशासन बेखबर नजर आ रहा है. 20 किलोमीटर दूर झिरिया से धान बेचने आए किसान दीनदयाल पटेल ने बताया कि कुछ दिनों पहले 13-14 सौ रूपये में बिकने वाला धान आज 11-12 सौ रूपये में खरीदा जा रहा है.

अटंग के यादराम साहू ने बताया कि 14-15 सौ रूपये क्विंटल बिकने वाले तृप्ति धान को व्यापारियों ने 1028 रूपये में खरीदा. तीजा- पोला त्यौहार होने के कारण मजबूरी में उन्हें बेचना पड़ा.

किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों के साथ सांठ- गंठ कर व्यापारी किसानों का शोषण कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है. इसके चलते उन्हें अपने खून-पसीने से उपजाई फसल को औने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है. इस संबंध में भारसाधक अधिकारी एसडीएम अजय अग्रवाल ने कहा कि मंडी सचिव से वस्तु स्थिति की जानकारी लेकर शीघ्र व्यवस्था दुरूस्त की जाएगी.

Tags: , , , , ,