सरकारी दवाई की शीशी में तिलचट्टे

Saturday, February 15, 2014

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बेमेतरा | एजेंसी: बेमेतरा जिले में बच्चों को पिलाई जाने वाली कृमिनाशक सीरप एल्बेंडाजोल में तिलचट्टा मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस सीरप को पीने के बाद बच्चे को उल्टी भी हुई.

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के कमिश्नर प्रताप सिंह ने दवा कंपनी को काली सूची में डालने व उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाने की बात कही है. राज्य टीकाकरण अधिकारी ने सीरप की शीशी में तिलचट्टा मिलने को प्रदेश का पहला मामला बताया है.

गौरतलब है कि इन दिनों प्रदेश में शिशु संरक्षण माह चल रहा है जो 28 फरवरी तक चलेगा. इसी के तहत सूबे के बेमेतरा जिल के बेरला प्रखंड मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर ग्राम अतरगड़ी में बच्चों को कृमिनाशक दवा पिलाई जा रही थी. चार साल के बच्चे को जब एल्बेंडाजोल की खुराक पिलाई गई तो सीरप पीने के बाद बच्चे को उल्टी हो गई. इसके बाद जब शीशी को परखने के दौरान उसमें तिलचट्टा मिला.

घटना के बाद बाकी ग्रामीण अपने बच्चों को सीरप पिलाए बिना घर चले गए. इस मामले की जानकारी बीएमओ जितेंद्र कुंजाम को दी गई. कुंजाम ने सीरप में तिलचट्टा मिलने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि यह गंभीर मामला है. मामले की पूरी जानकारी बेमेतरा सीएमएचओ एनके यदु को दी गई.

राज्य टीकाकरण अधिकारी सुभाष पांडे ने बताया कि उन्होंने सीएमएचओ को जांच करने के निर्देश देते हुए पूरे मामले की जानकारी मंगाई है. उन्होंने कहा कि किसी भी सीरप की शीशी में तिलचट्टा मिलने का यह पहला मामला है.

जिस शीशी में तिलचट्टा मिला है, वह 10 मिलीलीटर की है. इस दवा को इंदौर की एक कंपनी ने आपूर्ति की है. दवा के लिए धनराशि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) ने दिया है. इसकी खरीदी छत्तीसगढ़ मेडिकल कॉपोर्रेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) ने की है.

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवाएं के आयुक्त प्रताप सिंह ने कहा है कि किसी सीरप में तिलचट्टा मिलना बहुत ही गंभीर मामला है. अगर ऐसा है तो दवा निर्माता कंपनी को काली सूची में कर दिया जाएगा. कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज करवाई जाएगी.

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