छत्तीसगढ़ के कोल ब्लॉक पर सीबीआई छापा

Wednesday, June 19, 2013

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कोयला

नई दिल्ली | विशेष संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बेला और तपरा में आवंटित कोल ब्लॉक को लेकर सीबीआई ने बुधवार को छापा मारा है. राठी स्टील एंड पावर लिमिटेड को आवंटित कोरबा के बेला-तपरा के केसला नॉर्थ कोल ब्लॉक को लेकर सीबीआई पहले से ही कार्रवाई के लिये तैयार थी. इसी सिलसिले में सीबीआई ने बुधवार को दिल्ली, गाजियाबाद और संबलपुर समेत कई स्थानों पर छापामारी की और कई दस्तावेज जब्त किये. इसके बाद सीबीआई ने राठी स्टील एंड पावर लिमिटेड के चेयरमेन उदीत राठी और कंपनी के दूसरे अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है. कोल ब्लॉक आवंटन घोटाला सामने आने के बाद सीबीआई की यह 13वीं एफआईआर है.

सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने मंगलवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के दो पूर्व अधिकारियों से पूछताछ की थी. इन दोनों अधिकारियों बिनी महाजन और आशीष गुप्ता से गवाह के रूप में पूछताछ की गई है. ये दोनों अधिकारी 2006 और 2009 के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्यरत थे. उस समय कोयला मंत्रालय प्रधानमंत्री के पास था. इन दोनों अधिकारियों से पूछताछ के बाद सीबीआई ने राठी स्टील के ठिकानों पर छापा मारा.

गौरतलब है कि राठी उद्योग लिमिटेड पहले राठी स्टील एंड पावर लिमिटेड के नाम से जानी जाती थी. इस कंपनी को 5 अगस्त 2008 को भारत सरकार ने कोरबा के उत्तर-पूर्वी इलाके के बेला-तपरा का कोल ब्लॉक आवंटित किया था. 750 हेक्टेयर इलाके में फैले इस

कोल ब्लॉक में 278.313 हेक्टेयर जमीन ग्रामीणों की थी और शेष 471.687 हेक्टेयर वन भूमि थी. इस कोल ब्लॉक से सालाना 3 लाख टन कोयला उत्पादन किया जाना था, जिसका इस्तेमाल राठी स्टील एंड पालर लिमिटेड अपने संबलपुर स्थित स्पॉंज आयरन उद्योग में करने वाली थी.

माना जा रहा है कि कंपनी ने कोल ब्लॉक हासिल करने के लिये गलत सूचनाओं का इस्तेमाल किया और इसमें पीएमओ के कुछ अधिकारी भी शामिल थे. खबर है कि जांच एजेंसी जल्द ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सचिव टीकेए नायर से भी कोल ब्लॉक आवंटन को लेकर पूछताछ कर सकती है.

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