छत्तीसगढ़: ग्रामीणों ने चुनाव की फिजूलखर्ची रोकी

Monday, January 12, 2015

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छत्तीसगढ़ चुनाव

जांजगीर-चांपा | एजेंसी: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बोरसी पंचायत में ग्रामीणों ने अनूठी पहल पर अपने सरपंच और पंचों का चुनाव घोषित तारीख से पहले ही करा लिया. ग्रामीणों ने चुनाव का संचालन खुद कर सरकार की फिजूलखर्ची रोक दी. यह अनोखी पहल कर कम पढ़े-लिखे लोगों ने चुनाव खर्च के नाम पर पैसे बहाने वाले तंत्र को आईना दिखाया है. छत्तीसगढ़ में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदान 28 जनवरी, 1 फरवरी और 4 फरवरी को होना तय है. इसके लिए अधिसूचना 31 दिसंबर को जारी की गई थी. 8 जनवरी को नामांकन का आखिरी दिन था. 9 जनवरी को नामांकन वापसी की तारीख थी और 10 जनवरी को उम्मीदवारों को चुनाव चिन्हों का आवंटन कर दिया गया. इसके बाद 11 जनवरी को बोरसी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने आपसी भाईचारा का अनूठा मिसाल पेश करते हुए तारीख से पहले ही सरपंच और पंचों का चुनाव कर लिया.

बुजुर्गो की सलाह पर पीठासीन अधिकारी भी नियुक्त किए गए. गांव के स्कूल में मतदान कराया गया और मतगणना कर जीतने वालों के नाम की घोषणा कर दी गई. ग्रामीणों की इस पहल का प्रत्याशियों ने भी स्वागत किया.

एक पीठासीन अधिकारी ने बताया कि 85 प्रतिशत ग्रामीणों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया. सरपंच के लिए चंपा देवी को 537 और शांति जीवन चंद्रा को 310 मत मिले. इसी तरह गांव के 13 पंचों का चुनाव भी हुआ. सारी चुनाव प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ पूरी की गई, इसलिए किसी ने इस पर आपत्ति नहीं उठाई.

जनपद पंचायत बम्हनीडीह के सीईओ एम.एल. महादेवा ने बताया कि बोरसी पंचायत में अब सरपंच और सभी पंच निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए जाएंगे. यहां अब चुनाव कराने की जरूरत नहीं रह गई है.

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