चोरी: रेल्वे देगा 72 हजार हर्जाना

Wednesday, July 29, 2015

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रेलवे

रायपुर | संवाददाता: रेल यात्रा में चोरी चले गये पर्स की भरपाई रेलवे को 72,600 रुपये देकर करना पड़ेगा. इसमें से 67,200 रुपये क्षतिपूर्ति के तथा 5,000 रुपये मानसिक कष्ट के रेलवे को देना पड़ेगा. ऐसा राज्य उपभोक्ता आयोग के निर्णय के कारण होने जा रहा है. राज्य आयोग ने भी रेलवे की उस दलील को खारिज किया है, जिसमें रेलवे ने कहा था कि यात्री कोई कीमती सामान लेकर चल रहा है तो उसकी घोषणा करना आवश्यक है या उसे बुकिंग कराए, तब सुरक्षा की जवाबदारी रेलवे की होगी. रेलवे की इस दलील को जिला फोरम के बाद राज्य उपभोक्ता आयोग ने भी खारिज करते हुए अपील याचिका खारिज कर दी है.

दरअसल, छत्तीसगढ़ के भिलाई की रहने वाली नीलू अग्रवाल वर्ष 2013 में दुर्ग से आगरा ट्रेन के एसी कोच में जा रही थी. झांसी पहुचते-पहुंचते उनका पर्स चोरी चला गया था. चोरी गये पर्स में दो सेल फोन, 14 हजार रुपये नगद थे. चोरी की रिपोर्ट 29 अगस्त, 2013 को झांसी सीनियर डीसीएम, डीआरएम, जीआरपी और आरपीएफ झांसी को की गई. महिला ने 1135 रुपए का फेयर देकर यात्रा शुरू की थी और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे की थी, लेकिन ट्रेन में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे, जिसके चलते चोरी की घटना हुई.

महिला ने रेलवे के खिलाफ दुर्ग के उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया था. 10 सितंबर 2014 को जिला फोरम ने रेलवे के खिलाफ आदेश पारित करते हुए 67,600 रुपए क्षतिपूर्ति और पांच हजार मानसिक कष्ट के लिए यात्री को देने कहा. आयोग के इस आदेश के खिलाफ रेलवे ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की. राज्य उपभोक्ता आयोग ने भी माना कि ट्रेन में सुरक्षा की व्यवस्था नहीं होने के कारण चोरी की घटना हुई है और इसके लिए रेलवे ही जिम्मेदार है.

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