छत्तीसगढ़ में निशानेबाजी हेतु कई संभावनाएं

Saturday, October 12, 2013

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शूटिंग

रायपुर | एजेेंसी: छत्तीसगढ़ में 12वीं राज्यस्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता के समापन पर पूर्व पुलिस महानिदेशक विश्वरंजन ने कहा कि निशानेबाजी का खेल सिर्फ ट्रिगर दबाना नहीं, बल्कि यह दिमागी कसरत भी है.

श्री विश्वरंजन ने कहा कि राज्य में इस खेल की काफी संभावनाएं हैं और लगातार शूटिंग स्पर्धाओं का आयोजन करना सराहनीय है. उन्होंने छत्तीसगढ़ राइफल्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता के विजेता-उपविजेता तथा तीसरे स्थान के खिलाड़ियों को क्रमश: स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक व प्रमाणपत्र देकर पुरस्कृत किया.

पूर्व डीजीपी ने कहा कि निशानेबाजी के खेल में बहुत-सी चीजें एक साथ काम करती हैं जिनमें निशाना लगाने से लेकर फोकस करना और शरीर की पोजीशन प्रमुख रूप से शामिल हैं.

समारोह में छत्तीसगढ़ प्रदेश शूटिंग एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एवं जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के कार्यपालक उपाध्यक्ष प्रदीप टंडन व सचिव राकेश गुप्ता सहित कई खिलाड़ी और एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद थे.

समारोह का संचालन एसोसिएशन के सहसचिव दुर्गेश वशिष्ठ ने किया. जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के डीजीएम सुयश शुक्ल ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया.

उल्लेखनीय है कि इस प्रतियोगिता के आधार पर छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी पश्चिम बंगाल के आसनसोल में 6 से 15 नवंबर तक होने वाली ऑल इंडिया जी.बी. मावलंकर शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे.

मावलंकर के लिए क्वालीफाई खिलाड़ियों में संकेत सैमुअल (स्माल बोर फ्री राइफल प्रोन 50 मीटर मेन), रविंदर सिंह सेंडो, आनंद गोयल, आशीष नाथ (सेंटर फायर पिस्टल 50 मीटर मेन), अपर्णा नायक ( स्पोट्स पिस्टल 50 मीटर वूमेन), आनंद गोयल, रविंद्र सिंह सेंडो, आशीष नाथ (एयर पिस्टल 10 मीटर मेन), अपर्णा नायक (एयर पिस्टल 10 मीटर वूमेन), रविंद्र सिंह सेंडो (स्टेंडर्ड पिस्टल 50 मीटर मेन) शामिल हैं.