सेक्स, सीडी और जंगल राज

Tuesday, February 25, 2014

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सेक्स स्कैंडल

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के वन विभाग में सेक्स स्कैंडल छाया हुआ है. एक लड़की द्वारा वन विभाग के रेंजर उदय सिंह ठाकुर को कथित ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किये जाने के बाद जंगल से लेकर राजधानी रायपुर तक सेक्स, सीडी और सियासत के कई रंग सामने आ रहे हैं.

उदय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि एक इंश्योरेंस कंपनी से जुड़ी 24 साल की एक लड़की उन्हें ब्लैकमेल कर 5 करोड़ रुपये मांग रही है. क्यों ब्लैकमेल कर रही है, इसका जवाब उदय सिंह ठाकुर नामक इस रेंजर ने नहीं, लड़की ने बताया. लड़की का आरोप था कि उदय सिंह ठाकुर ने उसके साथ शादी का धोखा देकर देह संबंध बनाये. उसे दूसरे अफसरों के सामने परोसा.

लड़की के आरोप के आधार पर वन विभाग के उन रंगे सियारों पर पुलिस ने हाथ नहीं डाला लेकिन लड़की को जेल भेज दिया. उदय सिंह ठाकुर को लेकर लड़की के आरोप पर कोई बात नहीं हुई. जाहिर है, ऐसे में अफवाहें तो फैलनी ही थीं, सो हवा में अफवाहें फैलती चली जा रही हैं. सच के दावे और अफवाह के रंग आपस में इतने मिल-जुल गये हैं कि उन्हें अलग कर पाना मुश्किल हो रहा है.

तीन आईएफएस, दो आईपीएस, 48 सीडी, 2 एक्सटर्नल हार्ड डिस्क, 32 जीबी की पेन ड्राइव, 73 करोड़ की बीमा पॉलिसी, मिश्रा-चतुर्वेदी-पांडेय और ना जाने कितने नाम, कितने किस्से. जंगल के पंक्षी की तरह बातें फैल रही हैं.

शनिवार की सुबह एक मिश्रा एक संपादक से मिलने जा पहुंचा-2 लाख रुपये लेकर. संपादक ने हड़काया-20 से कम में बात नहीं बनेगी. मिश्रा लौट गया.

लड़की ने आरोप लगाया कि मिश्रा, चतुर्वेदी, मिश्रा, पांडेय सब ने उसका यौन शोषण किया. ये अफसर उसके धमतरी स्थित घर तक पहुंचते थे और लड़की भी जाने कहां-कहां.

एक से बढ़ कर एक किस्से.

कहा जा रहा है कि जिस दिन लड़की को गिरफ्तार किया, उस दिन लड़की ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात की थी. लेकिन वन विभाग के एक एसडीओ ने लड़की को उसके घर में उलझाये रखा और उदय सिंह ठाकुर ने लड़की के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी. इसके बाद पुलिस ने एसडीओ की ही निशानदेही पर लड़की को गिरफ्तार भी कर लिया.

इसके बाद शुरु हुआ जांजगीर-चांपा और बिलासपुर से लेकर उदंती सीतानदी के जंगलों तक हंगामा. बारनवापारा के जंगलों में अपनी अय्य़ाशी के लिये मशहूर अफसर घबराये और सीएसआईडीसी में काम करने वाले भी. जिनकी पैंट की जीप कहीं भी, कभी भी खुल जाती थी, वे अपनी पैंट संभाले भागे. इतना भागे कि फिर सब गड्ड-मड्ड हो गया. अफवाह-सच, सब गड्ड-मड्ड.

कहने वाले यह भी कह रहे हैं कि लड़की जेल से बाहर निकली तो उसकी जान खतरे में हो सकती है. उसका हश्र कहीं बिहार की बॉबी या राजस्थान की भंवरी जैसा न हो. लड़की लापता हो सकती है, कथित आत्महत्या कर सकती है, कोई ट्रक उसे कुचल सकता है या कुछ भी.

रायपुर के आईजी जीपी सिंह का कहना है कि रेंजर उदय सिंह ठाकुर के अलावा किसी भी अफसर के इस सेक्स स्कैंडल में शामिल होने की खबर नहीं है. वे फिलहाल जांच की बात कह रहे हैं. जांच होगी तो दूर तलक जाएगी. लेकिन जांच होगी ? यह सवाल इस सेक्स स्कैंडल में शामिल उस लड़की की तरह है, जो प्रश्नवाचक चिन्ह की तरह हमारे समाज में खड़ी है. अकेली. आप चाहें तो इसके लिये बाज़ार को जिम्मेवार ठहरा सकते हैं और लड़की को भी. आखिर ऐसे किसी स्कैंडल में लड़की को ही तो जिम्मेवार ठहराया जाता है, भला सीधा-साधा-सरल-सच्चरित्र पुरुष कैसे ग़लत हो सकता है ?

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