संजीवनी कोष से किडनी प्रत्यारोपण

Thursday, May 12, 2016

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रमन सिंह-मुख्यमंत्री

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में हाल ही में संजीवनी कोष से 10 मरीजों के किडनी का प्रत्यारोपण किया गया है. यह प्रत्यारोपण राजधानी रायपुर के ही एक अस्पताल में किया गया है. इससे पहले किडनी का प्रत्यारोपण करवाने राज्य से बाहर जाना पड़ता था. छत्तीसगढ़ में संजीवनी सहायता कोष योजना गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले मरीजों के लिए सचमुच वरदान साबित हो रही है. अब यह योजना किडनी के मरीजों के लिए भी संजीवनी का काम कर रही है. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा संजीवनी सहायता कोष से राशि स्वीकृत करने के बाद पिछले 18 महीनों में दस मरीजों का रायपुर में ही सफलतापूर्वक किडनी का प्रत्यारोपण किया जा चुका है.

ये सभी मरीज स्वस्थ होने के बाद बुधवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर संकट के समय मिली सहायता और किडनी ट्रांसप्लांट के लिए उनका आभार व्यक्त किया.

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन सभी मरीजों से आत्मीय बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि आप सभी का किडनी ट्रांसप्लांट तो हो गया है, लेकिन इसके बाद भी आपको विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. डॉक्टरों द्वारा जो सलाह दी गई है, उसको अपनी दिनचर्या में शामिल करें.

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन सभी मरीजों के किडनी ट्रांसप्लांट के लिए तीन-तीन लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की थी. इन सभी मरीजों का रायपुर के ही रामकृष्ण केयर अस्पताल में किडनी का सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट किया गया है. किडनी ट्रांसप्लांट के बाद ये सभी मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं.

जिन दस मरीजों का किडनी प्रत्यारोपण किया गया है, उनमें कोरबा के तीन, रायपुर के दो, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, ओड़िशा और धमतरी के एक-एक मरीज शामिल हैं.

पति ने पत्नी को दिया नया जीवन
बिलासपुर के राजकिशोर नगर में रहने वाली 40 वर्षीय श्रीमती अनु कुशवाहा की दोनों किडनी खराब हो गई थी, ऐसे समय में उनके पति राजकुमार कुशवाहा ने किडनी देकर अपनी पत्नी को नया जीवन दिया है. श्री कुशवाहा बिलासपुर में ऑटो चलाकर अपना परिवार चलाता है. जब उन्हें पता चला कि श्रीमती अनु कुशवाहा की दोनों किडनी खराब हो गई है, तो उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर आर्थिक सहायता की मांग की. मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए संजीवनी सहायता कोष से तीन लाख रूपए की सहायता राशि स्वीकृत की, जिससे उनकी पत्नी का किडनी ट्रांसप्लांट संभव हो सका. अब दोनों पति-पत्नी स्वस्थ हैं. आज दोनों ने ही मुख्यमंत्री से मुलाकात की समय पर मिली सहायता के लिए उनका आभार व्यक्त किया.

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