छत्तीसगढ़ नगर निगम चुनाव पर रोक

Friday, November 14, 2014

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ नगर निगम के चुनाव पर रोक लगा दी है. गौरतलब है कि दो पार्षदों द्वारा बिलासपुर में छत्तीसगढ़ के उच्च न्यायालय में इसके लिये याचिका लगाई थी.

जानकारी मिली है कि बिलासपुर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश टी.पी. शर्मा और इंदर बावेजा की युगल खंडपीठ ने रायपुर नगर निगम के चुनाव पर रोक लगा दी है. राजधानी के दो पार्षदों ज्ञानेश शर्मा और जगदीश आहूजा ने वार्डो में परिसीमन को लेकर याचिका दायर की थी.

इस मामले में जगदीश आहूजा का कहना है कि परिसीमन के तहत वार्डो में 15 प्रतिशत से ज्यादा का अंतर नहीं होना चाहिए, लेकिन परिसीमन के तहत राजधानी के कुछ वार्डो में यह अंतर करीब 500 फीसदी से ज्यादा हो गया है. इसी मामले को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी.

याचिकाकर्ता पार्षद ज्ञानेश शर्मा का कहना है कि अधिनियम के प्रावधानों की शासन द्वारा अवहेलना की गई है. शहर की कुल जनसंख्या में वार्डो की संख्या से भाग देना है. इस आधार पर वार्ड में मतदाता होना चाहिए. परिसीमन प्रावधानों के अनुरूप होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने नगरीय निकायों में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में प्रावधानों के विपरित परिसीमन किया है. नगरीय इलाकों के अलावा पंचायती क्षेत्रों में भी प्रावधानों के अनुरूप परिसीमन होना चाहिए.

एक और याचिकाकर्ता व पार्षद जगदीश आहूजा ने फोन पर कहा, “हमने पिछले माह एक याचिका दायर की थी. हमारी स्पष्ट मांग है कि वार्डो के परिसीमन के लिए जो मापदंड तय हैं, उसके अनुरूप ही परिसीमन होना चाहिए.”

वार्ड की जनसंख्या और क्षेत्रफल की समानता जरूरी है. प्रावधान के विपरीत जाकर वार्ड के परिसीमन होने से इसका विकास पर सीधा असर पड़ता है. शहर के समान विकास के लिए वार्डो का परिसीमन तय प्रावधान के अनुरूप होना स्वाभाविक तौर पर जरूरी है. खंडपीठ ने अपने निर्णय में कहा है कि याचिकाकर्ता ने चुनाव अधिसूचना जारी होने के पूर्व ही वार्डों के परिसीमन में बरती गई अनियमितताओं एवं नियमों के घोर उल्लंघन की ओर सम्बंधित प्रतिवादियो का ध्यान आकर्षित किया था. इसके बाद भी निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकायों के चुनाव घोषित कर दिए.

हमारे सामने अब चुनाव अधिसूचना रोकने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचा है. अंत: जारी की गई अधिसूचना के प्रभाव और क्रियान्वयन पर आगामी आदेश तक रोक लगाई जाती है. प्रतिवादियो को खंडपीठ ने रायपुर नगर निगम की अनियमितताएं दूर कर तथा अन्य निकायों के चुनाव नियमों के अनुरूप कराने के लिए नए सिरे से अधिसूचना जारी करने की छुट दी है.