यौन प्रताड़ना की PHQ जांच करेगी

Sunday, July 3, 2016

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पुलिस मुख्यालय-छत्तीसगढ़

रायपुर | समाचार डेस्क: बिलासपुर के आईजीपी पवन देव पर लगे कथित यौन प्रताड़ना के आरोपों की जांच की जायेगी. इसकी घोषणा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ के पुलिस मुख्यालय के द्वारा की गई है. छत्तीसगढ़ के डीजीपी एएन उपाध्याय ने बिलासपुर रेंज के आईजी पवन देव के खिलाफ़ मुंगेली में पदस्थ एक महिला आरक्षक द्वारा कथित यौन प्रताड़ना का आरोप लगाने के बाद यह कदम उठाया है. महिला आरक्षक ने आरोप लगाया था कि आईजी उन्हें फोन करके प्रताड़ित करते रहे हैं.

पुलिस मुख्यालय द्वारा जांच की घोषणा किये जाने के बाद बिलासपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुये रेंज के पुलिस आईजी पवन देव ने कहा जांच से झूठ सामने आ जायेगा. उन्होंने कहा कि जांच के समय वे अपना पक्ष सामने रखेंगे.

छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने भी पुलिस आईजी पवन देव तथा आरोप लगाने वाली महिला आरक्षक से साक्ष्य प्रस्तुत करने का आदेश दिया है. इसके अलावा राज्य महिला आयोग ने छत्तीसगढ़ के डीजीपी से मामलें में अब तक की गई कार्यवाही की रिपोर्ट मांगी है.

पुलिस आईडी पवन देव ने मीडिया से बात करते हुये कहा कि एसआई आशीष वासनिक की बर्खास्तगी के बाद साजिशपूर्वक उऩके उपर यह आरोप लगाया गया है. उन्होंने सवाल किया कि वासनिक की बर्खास्तगी के बाद ही महिला आरक्षक ने उऩके खिलाफ़ शिकायत क्यों की यदि वह प्रताड़ित थी तो पहले उसने शिकायत क्यों नहीं की.

गौरतलब है कि एसआई आशीष वासनिक के खिलाफ़ आरोपों की जांच कर रहे लोरमी एसडीओपी के खिलाफ़ भी इसी तरह के आरोप लगाये गये हैं.

बिलासपुर रेंज के पुलिस आईजी पवन देव मीडिया ट्रायल से काफी दुखी हैं. उन्होंने कहा कि मैं तो हमेशा फरियादियों की मदद करने को तैयार रहता हूं. अब जांच के बाद सच्चाई सामने आ जायेगी.

जांच के बिंदु-
मिली जानकारी के अनुसार आईजीपी पवन देव तथा आरोप लगाने वाली महिला आरक्षक के मोबाइल फोन के डिटेल्स खंगाले जायेंगे. किसने, कितने बजे तथा कितने समय तक फोन किया इसकी पड़ताल की जावेगी. इसके अलावा यह भी देखा जायेगा कि किसने पहले फोन किया था. दोनों ओर से फोन करने वाले की आवाज़ की भी जांच की जायेगी. यह भी पड़ताल की जायेगी कि आवाज़ किसकी है. फोन करते समय फोन करने वाले की लोकेशन का पता किया जायेगा. इसके लिये मोबाइल कंपनी के दस्तावेज खंगाले जायेंगे.

मामला क्या है-
बिलासपुर रेंज के पुलिस आईजी पवन देव के विरुद्ध बिलासपुर चकरभाठा थाने में 30 जून 2016 को मुंगेली की महिला आरक्षक द्वारा लिखित शिकायत की गई थी. वहीं आईजी ने आरक्षक के आरोपों का खंडन किया है. उल्टा महिला आरक्षक पर आरोप लगाया है कि उसका एक पूर्व निरीक्षक के साथ घनिष्ठ संबंध है, जिसे उन्होंने बर्खास्त किया था. इस कारण से उन पर आरोप लगाये जा रहे हैं.

महिला आरक्षक का आरोप
महिला आरक्षक ने मीडिया को बताया कि, “2013 में मैंने जॉइनिंग दी थी, राजनांदगांव में ट्रेनिंग के दौरान आईजी पवन देव साहब राजनांदगांव आये थे. उस समय उन्होंने मुझसे पूछा कि कौन से जिले से हो, मैंने मुंगेली बताया. 20 जून 2014 को मेरी पोस्टिंग लोरमी थाना में हो गई. एक दिन मुझे फोन आया मैंने उठाया, बोले- आईजी पवन देव बोल रहा हूं. उन्होंने मेरा हालचाल पूछा. बोले- लोरमी, मुंगेली में जो भी अवैध कार्य होते हैं, थानों में क्या गड़बड़ी होती है, मुझे बताना.”

महिला आरक्षक ने आगे मीडिया को बताया कि, “आज से तुम मेरी मुखबिर हो. मैं हां बोली. इसके बाद वे लगातार फोन करते रहे. एक दिन उन्होंने कहा- तुम बहुत सुंदर हो, तुम्हारा फिगर बहुत अच्छा है, तुमसे बातें करना मुझे पसंद है. मुझे अटपटा लगा, लेकिन मैं जी सर-जी सर कहती रही. फिर उन्होंने कहा- मैं तुम्हारा ट्रांसफर आईजी ऑफिस करवा देता हूं, मैं तुम्हे रोज देखा करूंगा. महिला आरक्षक ने आगे बताया, आईजी एक दिन बोले- ‘मैं तुमसे मिलना चाहता हूं, तुम्हें प्यार करना है, किस करने जैसी बातें करने लगे. जब मेरी ड्यूटी बाहर लगती तो वे मुझे रात रुकने कहा करते थे. लेकिन मैं किसी बहाने से टाल देती थी. जब मैं उनका फोन नहीं उठाती तो वे लोरमी आ जाते. धमकियां भी देते कि अगर मुझसे बात नहीं करोगी तो मैं ट्रांसफर कर दूंगा, सस्पेंड कर दूंगा. डर के कारण बात करती थी.”

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