पक्षियों की बिक्री पर रोक के आदेश

Sunday, September 22, 2013

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पिंजरे में तोता

रायपुर | संवाददाता: बेजुबान पक्षियों को अपने मनोरंजन के लिए कैद करने वालों पर लगाम कसने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने किसी भी तरह के पक्षियों की बिक्री पर रोक लगा दी है.

छत्तीसगढ़ संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के संचालक श्री रोहित यादव ने इसके बाबत शनिवार को एक आदेश जारी किया है जिसका उद्देश्य घरेलू, पालतू, देशी और विदेशी पक्षियों के व्यापार पर पूरी तरह से रोक लगाना है.

आदेश में उन दुकानों को बंद करने की कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है, जहां इन बेजुबानों पक्षियों को खरीदने और बेचने का व्यापार चलता है. इस आदेश में पक्षियों की बिक्री पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों को सौंपी गई है. इनका कार्य पक्षी बेचने वाली दुकानों को तुरंत बंद कराना और इस बात की निगरानी करना है कि ऐसा व्यापार कोई अन्य न कर पाए.

इसके साथ ही पुलिस प्रशासन और वन विभाग को भी पक्षियों के व्यापार पर रोक लगाने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है. राज्य शासन द्वारा यह आदेश प्रिवेंशन ऑफ क्रुएलिटी टू एनिमल्स एक्ट-1960 के तहत दिया है.

गौरतलब है कि देश में पहले से ही भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 लागू है लेकिन इसके क्रियान्वन से संबंधित विभागों की लापरवाही के चलते देशभर में खुलेआम बेजुबान पक्षियों की बिक्री हो रही है. इसके वजह से कई पक्षियों की प्रजातियां लुप्तप्राय हो गई हैं.

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