NHRC का दुष्कर्म पर स्वतः संज्ञान

Tuesday, September 8, 2015

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लापता बच्चे

नई दिल्ली | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जशपुर में छात्रावास अधीक्षिका के भतीजे द्वारा रेप की कोशिश पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है. इसी के साथ आयोग ने जशपुर के कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक से दो हफ्तों में जवाब मांगा है. मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया है तथा प्रेस को जारी बयान में कहा है कि यदि यह सत्य है तो यह मानव अधिकार के हनन का मामला है. उल्लेखनीय है कि जशपुर के आदिवासी छात्रावास के अधीक्षिका के भतीजे ने 25 अगस्त को एक आदिवासी लड़कियों के कपड़े उतारकर उनके साथ रेप करने की कोशिश की थी.

उल्लेखनीय है कि 2013 में ही गांववालों ने छात्रावास के अधीक्षिका के पति के छात्रावास में रहने तथा उनके रिश्तेदारों के आने का विरोध किया था.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के जशपुर के बगीचा विकासखंड के पत्ताकेला गांव के आदिवासी छात्रावास में अधीक्षिका के भतीजे सुमेन्द्र उर्फ पिंटू ने एक छात्रा को कमरे में बंद करके उसके सारे कपड़े उतरवा लिये थे. इससे पहले की वह छात्रा के साथ रेप करता एक महिला होमगार्ड वहां पर पहुंच गई तथा उसने आदिवासी छात्रा की इज्जत बचाई. बताया जा रहा है कि इससे पहले भी आदिवासी छात्रावास के इसी भतीजे ने एक और लड़की के साथ ऐसा ही किया था परन्तु किसी कार्यवाही के अभाव में उसकी हिम्मत बढ़ती गई थी.

अधीक्षिका के भतीजे की इस हरकत से छात्रा डर गई थी तथा वह अपने घर आ गई थी. घर में उसने छात्रावास जाने से इंकार कर दिया था. जब घरवालों ने पूछताछ की तो मामला सामने आया. ग्राम पंचायत गुरम्हाकोना के लोगों ने ग्राम सभा में इस मुद्दे को रखा जिसमें ग्रामीणों के द्वारा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात की गई.

इसके बाद प्रशासन ने कड़ी कार्यवाही करते हुये छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती सुमति चौहान और उसके पति सहायक शिक्षक पंचायत विरेन्द्र प्रधान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.

जिला कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता ने घटना के वक्त ड्यूटी पर तैनात महिला होमगार्ड सुश्री बिमला पैंकरा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिये. उल्लेखनीय है कि सुश्री बिमला पैंकरा ने आदिवासी लड़की को रेप से बचाया था परन्तु घटना की सूचना पुलिस-प्रशासन को नहीं दी थी.

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