छत्तीसगढ़ साहित्य की प्रयोगशाला: खरे

Monday, April 21, 2014

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विष्णु खरे

रायपुर | एजेंसी: सुप्रसिद्ध कवि व समालोचक विष्णु खरे ने कहा कि छत्तीसगढ़ साहित्य की प्रयोगशाला है. उन्होने कहा कि यह विस्फोटक राज्य है, ऐसे में यहां लिखना, कहना, पत्रकारिता करना कठिन है.

संजय अलंग के काव्य संग्रह ‘शव’ के लोकर्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में खरे ने अपने विचार रखे. खरे ने कहा कि पॉलिटिक्स पर कविताएं लिखना आसान हैए लेकिन अलंग के पास राज्य का ज्ञान है, जो इनके लिए फायदेमंद है. उन्होंने कहा कि जो अभी का कवि नहींए वो कभी का कवि नहीं है. संजय ने आज के परिपेक्ष्य में कविता लिखी है.

उन्होंने कहा, “शव के लोकार्पण के साथ ही मैं छत्तीसगढ़ में साहित्यिक पुनर्जागरण देख रहा हूं. विनोद कुमार शुक्ल जी को छत्तीसगढ़ का साहित्यिक पूंजीपति बताते हुए उन्होंने कहा कि संजय अलंग के आने के बाद विनोद जी अकेला महसूस नहीं करेंगे.”

दिल्ली से आईं आलोचक सविता सिंह ने कहा कि संजय अलंग राज्य के उन सभी पहलुओं को कविता के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसे जानने समझने की आवश्यकता है. संजय का यह काव्य संग्रह छत्तीसगढ़ को कविता के जगत में नए क्षेत्र में लेकर जाएगा.

रायपुर के सिविल लाइन स्थित वृंदावन हॉल में आयोजित समारोह की अध्यक्षता साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल ने की. वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में दिल्ली से आईं आलोचक सविता सिंह उपस्थित थीं. समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यकार, बुद्धिजीवी सहित कलाप्रेमी उपस्थित थे.

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