छत्तीसगढ़: rapist lady को आजीवन कारावास

Friday, June 24, 2016

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नाबालिक से रेप

रायगढ़ | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ की एक अदालत ने एक महिला को नाबालिक लड़के के साथ रेप करने की सजा आजीवन कारावास के रूप में दी है. रायगढ़ के पास खरसिया की रहने वाली 23 वर्षीया शादी-शुदा महिला भारती सारथी ने पिछले साल एक 17 साल के लड़के को बहला-फुसलाकर उसे घर से भगाया था तथा उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाये थे.

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी महिला को पॉस्को एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास की सजा तथा एक हजार रुपयों का जुर्माना किया है.

मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल मई माह में पीड़ित लड़का खरसिया में अपने बहन के घर आया हुआ था. वहीं पर उसका परिचय 23 वर्षीया शादी-शुदा महिला भारती सारथी के साथ हुआ. 5 मई को लड़का अपने बहन के घर से लापता हो गया था.

लापता लड़के के घर वालों को भारती पर शक हुआ तथा उन्होंने पुलिस थाने में इसकी रिपोर्ट लिखवाई.

29 जुलाई को पुलिस ने आरोपी महिला भारती सारथी को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार होने पर भारती ने बताया कि उसने नाबालिक लड़के को धर्मजयगढ़ के एक गांव में छुपाकर रखा है.

पुलिस ने महिला को जिला अदालत में पेश किया जहां से मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट भेज दिया गया था. आजीवन कारावास के अलावा महिला को दो अन्य धाराओं में तीन साल तथा सात साल का सश्रम कारावास की सजा भी हुई है.

पॉस्को एक्ट तथा सजा
प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फार्म सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट 2012 यानी लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम 2012 है. इस एक्ट के तहत नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराध और छेड़छाड़ के मामलों में कार्रवाई की जाती है. यह एक्ट बच्चों को सेक्सुअल हैरेसमेंट, सेक्सुअल असॉल्ट और पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है.

पॉस्को एक्ट की धारा 6 के अधीन वे मामले लाये जाते हैं जिनमें बच्चों को दुष्कर्म या कुकर्म के बाद गम्भीर चोट पहुंचाई गई हो. इसमें दस साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है और साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

18 साल से कम उम्र के बच्चों से किसी भी तरह का यौन व्यवहार इस कानून के दायरे में आ जाता है. यह कानून लड़के और लड़की को समान रूप से सुरक्षा प्रदान करता है. इस कानून के तहत पंजीकृत होने वाले मामलों की सुनवाई विशेष अदालत में होती है.

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