मिलावट में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य

Friday, May 27, 2016

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एफएसएसएआई

रायपुर | सीजीखबर एक्सक्लुसिव: खाद्य पदार्थो में मिलावट के मामलें में भी छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य है. छत्तीसगढ़ में किये गये जांच से पता चला है कि यहां के 38 फीसदी खाद्य पदार्थ मिलावटी, असुरक्षित, घटिया तथा मिसब्रांडेड हैं. हाल ही में ब्रेड में कैंसरजनक तत्वों के खुलासे के बाद सीजीखबर की टीम ने छत्तीसगढ़ के खाद्य पदार्थो के बारें में पड़ताल की जिसके नतीजे चौकाने वाले निकले हैं. केन्द्र सरकार के भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के अनुसार छत्तीसगढ़ देश के चुनिंदा 15 राज्यों में इस मामलें में तीसरे नंबर पर आता है.

पहले नंबर पर पश्चिम बंगाल तथा दूसरे नंबर पर उत्तरप्रदेश है. जहां पश्चिम बंगाल में 54 फीसदी खाद्य पदार्थ मिलावटी, असुरक्षित, घटिया तथा मिसब्रांडेड हैं वहीं उत्तरप्रदेश में 42 फीसदी खाद्य पदार्थ जांच के बाद मिलावटी, असुरक्षित, घटिया तथा मिसब्रांडेड पाये गये हैं.

सीजीखबर ने देश के जिन चुनिंदा बड़े राज्यों की पड़ताल की हैं उनमें छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली, मध्यप्रदेश, गुजरात, केरल, पश्चिम बंगाल, पंजाब, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तरप्रदेश, ओडिसा तथा आंध्रप्रदेश शामिल हैं.

इनमें से बिहार 1 फीसदी से भी कम, दिल्ली में 13 फीसदी, मध्यप्रदेश में 15 फीसदी, गुजरात में 10 फीसदी, केरल में 17 फीसदी, पश्चिम बंगाल में 54 फीसदी, पंजाब में 19 फीसदी, महाराष्ट्र में 17 फीसदी, राजस्थान में 3 फीसदी, तमिलनाडु में 36 फीसदी, कर्नाटक में 15 फीसदी, उत्तरप्रदेश में 42 फीसदी, ओडिसा में 20 फीसदी तथा आंध्रप्रदेश में 10 फीसदी खाद्य पदार्थ जांच के बाद मिलावटी, असुरक्षित, घटिया तथा मिसब्रांडेड पाये गये हैं.

सीजीखबर ने यह पड़ताल हालिया रिपोर्टो के आधार पर की है. सभी राज्यों के साल 2014-15 की जांच के आकड़े उपलब्ध हैं जबकि छत्तीसगढ़ के साल 2013-14 के जांच के आकड़े उपलब्ध हैं.

छत्तीसगढ़ में कुल खाद्य पदार्थो के 294 नमूने लिये गये जिनमें से सभी की जांच की गई. जिसमें से 112 मिलावटी, असुरक्षित, घटिया तथा मिसब्रांडेड निकले. इऩमें से 56 खाद्य पदार्थ के विक्रेताओं के खिलाफ़ मामले दर्ज किये गये जिसमें से केवल 7 को जुर्माना हुआ. छत्तीसगढ़ को जुर्माने के रूप में 3 लाख 49 हजार रुपये मिले.

देश में पहले नंबर पर आने वाले राज्य पश्चिम बंगाल में केवल 1 खाद्य पदार्थ विक्रेता को जुर्माना भरना पड़ा जबकि दूसरे नंबर पर आने वाले उत्तरप्रदेश में 186 दोषी करार दिये गये तथा 1738 पर जुर्माना लगाया गया. उत्तरप्रदेश में 5 करोड़ 98 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.

उल्लेखनीय है कि 27 जिलों वाले छत्तीसगढ़ में केवल राजधानी रायपुर के कालीबाड़ी क्षेत्र में एक जांच करने की प्रयोगशाला है जहां पर केवल एक ही विश्लेषक पदस्थ है.

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