महानंद को गणित में पूरे नंबर

Wednesday, May 6, 2015

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महानंद कैवर्त्य

कोरबा | अब्दुल असलम: सरकारी स्कूल में पढ़ाई नहीं होने और बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम नहीं आने का मिथक अब टूटने लगा है. शासन द्वारा शिक्षा के गुणवत्ता को सुधारने और बेहतर शिक्षा व्यवस्था स्थापित करने लाई जा रही कसावट का नतीजा सामने आने लगा है. गांव-गांव में स्कूल खुलने से एक ओर जहां पढ़ाई से सबका नाता जुड़ रहा है वहीं हाईस्कूल खुलने और शिक्षकों की उपलब्धता से बच्चों को उच्च शिक्षा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी मिलने लगी है तभी तो छोटे से गांव का महानंद कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा में गणित विषय में सौ में से सौ नंबरों से पास होता है. छात्र महानंद की अपनी मेहनत ही है कि उसे गणित जैसे विषय में 100 में से 100 नंबर मिले हैं. इसी प्रकार छात्र कांता प्रसाद ने भी गणित विषय में 100 में से 100 नंबर हासिल किया है. शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोलमी के कक्षा दसवी का परीक्षा परिणाम 87 प्रतिशत रहा है जो यह भी साबित करता है कि शासकीय स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधर रहा है.

शासकीय हाईस्कूल पोलमी में इस वर्ष कक्षा दसवी का परिणाम 87 फीसदी रहा है. इस विद्यालय में पढ़ाई करने वाले ज्यादातर विद्यार्थी अनुसूचित जनजाति वर्ग के हैं. कुल दर्ज 92 परीक्षार्थियों में से 91 ने परीक्षा दी और 11 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास किया. पाली विकासखंड के अन्तर्गत आने वाला यह गांव पोलमी दसवी के परीक्षा परिणाम के साथ ही चर्चा में आ गया है. गरीब परिवार में पले बढ़े किसाना का बेटा छात्र महानंद कैवर्त ने जब गणित में सौ नंबर हासिल किया तब लोगों में उसे देखने और मिलने की उत्सकुता जाग उठी. गणित जैसे विषय से डरने वाले छात्र भी महानंद से प्रेरणा ले रहे हैं. उनके भीतर से भी अब डर हटने लगा है कि जब महानंद ट्यूशन बिना गांव में रहकर सरकारी स्कूल में पढ़कर गणित में 100 में 100 नंबर ला सकता है तो हम पीछे क्यूं रहें.

महानंद ने बताया कि उसे हिन्दी में 90, अंग्रेजी में 88, संस्कृत में 90, गणित में 100, विज्ञान में 89 और सामाजिक विज्ञान में 88 नंबर मिले हैं. कुल 545 नंबर प्राप्त हुआ है. महानंद 91 प्रतिशत प्राप्त किया. उसने बताया कि वह रोजाना 8 से 9 घंटा पढ़ाई करता था. गांव में अक्सर लाइट गुल होने पर टार्च की रोशनी से पढ़ता था. महानंद ने यह भी बताया कि उसके पिता एक छोटे से किसान हैं और पांचवीं तक पढ़ाई किए हुए हैं. घर पर अन्य सदस्य भी ज्यादा नहीं पढ़े हें. महानंद भविष्य में इंजीनियर बनना चाहता है. विद्यालय के प्राचार्य जय प्रकाश ओझा का कहना है कि महानंद ने अपनी प्रतिभा से स्कूल का गौरव बढ़ाया है इससे शासकीय स्कूलों के प्रति बनी गलत धारणा और गणित के प्रति बना डर खत्म होगा.

कक्षा 10 के छात्र महानंद को उसकी उपलब्धि के लिए हाल ही में पोलमी पंचायत में आयोजित लोक सुराज अभियान शिविर में पाली तानाखार विधायक रामदयाल उईके के हाथो एक हजार का नगद प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया. अपनी सफलता का श्रेय महानंद ने अपने गुरुजन और अपने माता-पिता को दिया है.

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