कोरबा में गजब का कोलतार घोटाला

Monday, August 4, 2014

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कोलतार

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा में कोलतार के गजब घोटाले का खुलासा हुआ है. बिहार के चारा घोटाले के तर्ज पर कोरबा में भी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को करोड़ों का चूना लगाया गया है. कोरबा के इस कोलतार घोटाले में भी बिहार के चारा घोटाले के समान ही परिवहन के लिये स्कूटर, मोटर साइकिल तथा मोपेड के नंबर लिखवाकर 10.33 करोड़ का भुगतान प्राप्त किया गया है फर्क केवल इतना है कि बिहार में चारा ढ़ोया गया था यहां कोलतार ढ़ोया गया दिखाया गया है.

इसका खुलासा शनिवार को कोरबा के आरटीआई कार्यकर्ता अमर अग्रवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में किया. खुलासे के अनुसार निर्माण एजेंसी ने हीनहोल कंपनी विशाखापट्टनम से वर्ष 2006-07 में खरीदे गए 5-10 टन डामर-इमलशन के 19 बिलों में सामाग्रियों के परिवहन में उपयोग किए गए वाहन स्कूटर, मोटर साइकिल, हीरोपुक आदि पाए गए.

मामला वर्ष 2006 का है जिसमें बीबी वर्मा एंड कंपनी को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 10.77 करोड़ का कार्य सौंपा गया था. इस काम में कंपनी ने भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के 21 एवं हीनहोल कंपनी से 19 डामर- इमलशन के फर्जी बिल प्रस्तुत कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना कोरबा के माध्यम से 10 करोड़ 33 लाख रुपए का भुगतान प्राप्त किया गया.

आरटीआई कार्यतर्ता अमर अग्रवाल ने बताया कि इस तरह फर्म के संचालक व पार्टनर द्वारा फर्जी बिल तैयार कर 10.33 करोड़ रुपए प्राप्त कर लिया गया. अग्रवाल ने बताया कि इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने बीबी वर्मा फर्म के संचालक नरेश वर्मा एवं विधायक जयसिंह अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है.

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