छत्तीसगढ़: कोरबा में 9 ठग गिरफ्तार

Saturday, December 12, 2015

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गिरफ्तार

कोरबा | अब्दुल असलम: छत्तीसगढ़ में फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर बेरोजगारों को ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कोरबा पुलिस ने किया है. पुलिस ने गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. गिरोह के सदस्य अब तक करोड़ों की ठगी कर चुके हैं. पूरे प्रदेश भर में ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले इन अपराधियों के खिलाफ कोरबा जिले में भी तीन मामले पंजीबद्घ है. जिन मामलों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अमरेश मिश्रा ने बताया कि ठगी एवं सूदखोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में ठगी के मामलों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया गया. बिलासपुर जिला अंतर्गत ग्राम सीस निवासी मनीष कुमार जायसवाल पिता तालाराम जायसवाल 26 वर्ष ने गत 10 दिसंबर को रामपुर चौकी में ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

मनीष ने बताया कि विनोद खांडे पिता परसराम खांडे 29 वर्ष एवं कपिल वारे पिता पोस राम वारे 24 वर्ष द्वारा खुद को मंत्रालय का कर्मचारी बताते हुए उसे तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर जिला पंचायत कोरबा, पुलिस विभाग, जेल विभाग, क्राइम ब्रांच, स्वास्थ्य विभाग, एड्स नियंत्रण बोर्ड, मेकाहारा, खाद्य विभाग, एफसीआई एवं अन्य प्रायवेट विभागों में नियमित सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर उक्त आरोपियों ने उसे झांसा दिया.

मनीष ने उनके झांसे में आकर जिला पंचायत कोरबा में डाटा एंट्री आपरेटर के पद पर अपनी बहन की नौकरी लगाने 5 लाख रुपए आरोपियों को दे दिए. आरोपियों ने पैसे लेकर मनीष को फर्जी आदेश व नियुक्ति पत्र थमा दिया. जब इस बात का पता मनीष को चला तो उसने रामपुर चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई. जिस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 476, 468, 471, 120 बी, भादवि के तहत मामला पंजीबद्घ कर लिया और मामले की विवेचना शुरू की.

विवेचना में पुलिस को ठग गिरोह के बारे में कई जानकारियां मिली. पुलिस ने गिरोह के सदस्यों में से रायगढ़ जिला अंतर्गत ग्राम सिंघनपुर निवासी कपिल देव वारे पिता पोसराम वारे 24 वर्ष, उरगा थाना अंतर्गत ग्राम तरदा निवासी विनोद कुमार खांडे पिता परसराम खांडे 29 वर्ष, कुसमुंडा थाना अंतर्गत भिलाईबाजार निवासी डॉ. एम कुमार कोसले पिता स्व. भांकरलाल कोसले, प्रेम नगर रजगामार निवासी विजय कुमार श्रीवास पिता लक्ष्मीनारायण श्रीवास 26 वर्ष, शिवरीनारायण ग्राम रिंगनी निवासी राजेश जांगड़े पिता अरूण जांगड़े 32 वर्ष, धीरज अवस्थी पिता सत्यनारायण अवस्थी 32 वर्ष रायपुर निवासी व जयप्रकाश बंजारे पिता स्व. धनीराम बंजारे जांजगीर नवागढ़ निवासी को गिरफ्तार कर लिया.

आरोपियों ने अनेकों बेरोजगार युवकों से करोड़ों रुपए की ठगी की है. इसी तरह उरगा थाने में दर्ज चंदराम सोनवानी एवं महेन्द्र कुमार मधुकर की दो अलग-अलग रिपोर्टों के आधार पर दो अन्य आरोपी पिता-पुत्र विनोद खांडे व प्रमोद खांडे को गिरफ्तार किया है. आरोपी परसराम खांडे एसईसीएल में कार्यरत है. पकड़े गए आरोपियों से भारी मात्रा में फर्जी नियुक्ति आदेश, कई युवकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, रुपए लेन-देन के कागजात, डायरी, रजिस्टर, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, बैंक जमा पूंजी, पैन कार्ड, नौकरी हेतु भरे गए आवेदन पत्र फार्म, फोटो व अन्य सामग्री जब्त किया है.

असली दिखता था आदेश पत्र
आरोपियों द्वारा बेरोजगार युवकों को जो आदेश पत्र व नियुक्ति पत्र दिया जाता था वह हूबहू असली की तरह दिखता था. संबंधित विभाग, कार्यालय, क्रमांक, दिनांक, सील मुहर आदि फर्जी हस्ताक्षर के साथ असली पत्रों की तरह ही बेरोजगारों को थमा दिया जाता था. जिससे बेरोजगार झांसे में आ जाते थे, लेकिन संबंधित विभाग ने नियुक्ति पत्र लेकर जाने के बाद बेरोजगारों को अपने साथ हुई ठगी का पता चलता था.

प्रदेशभर में की ठगी
ठग गिरोह ने प्रदेश भर के बेरोजगार युवकों को निशाना बनाया है. सुनहरे भविष्य का प्रलोभन देकर बेरोजगारों के साथ लाखों की ठगी करने का खुलासा हुआ है. आरोपियों ने कोरबा के अलावा बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बलौदाबाजार तथा अन्य जिलों में ठगी की घटना को अंजाम दिया है.

दो आरोपी जेल में बंद

ठग गिरोह के दो अन्य आरोपी धोखाधड़ी के मामले में ही बेमेतरा जेल में बंद है. इस तरह से कोरबा पुलिस ने गिरोह के लगभग सभी सदस्यों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता पाई है.

आरोपी और उनकी भूमिका
विनोद खांडे : बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी का प्रलोभन देकर अभ्यर्थियों की तलाश करना, पैसे एकत्रित करना, पैसे की कुछ राशि कमीशन के तौर पर अपने पास रखना, शेष भाग कपिल देव वारे और विजय श्रीवास को देता था.

विजय श्रीवास : बेरोजगारों से लिए गए पैसे को एकत्र कर कपिल वारे के पास जमा कराता था.

कपिल वारे : विनोद खांडे का मित्र है. विनोद खांडे व विजय श्रीवास से रकम एकत्र कर पैसे को स्वयं लेता था तथा डॉ. एम कुमार व अन्य सहयोगियों को बांटता था. पूर्व में जनपद सदस्य का चुनाव भी लड़ चुका है.

डॉ. एम कुमार : बेरोजगार युवक-युवतियों को फर्जी नियुक्ति आदेश व अन्य पत्र देता था.

राजेश जांगड़े : प्रायवेट फायनेंस कंपनी में काम करता है. फर्जी नियुक्ति आदेश बनाने का काम करता है.

धीरज अवस्थी : प्रापर्टी डिलिंग का काम करता है. विभिन्न विभागों के अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर का काम देखता था.

जयप्रकाश बंजारे : मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग में कम्पयूटर आपरेटर के पद पर पदस्थ है. क्राइम ब्रांच, पुलिस विभाग, जेल प्रहरी के लिए बेरोजगारों की तलाश करने सदस्यों को कहता था.

परसराम खांडे : एसईसीएल में कार्यरत है. चंद्रराम सोनवानी के पुत्र की खाद्य विभाग मे नौकरी लगाने के नाम पर 4.50 लाख रुपए की ठगी की.

प्रमोद कुमार खांडे : परसराम खांडे का पुत्र है जो ठगी में अपने पिता का साथ देता था.

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