दूध में कीड़े की सजा 350 रु. जुर्माना

Sunday, July 10, 2016

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दूध

अंबिकापुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में दूध में कीड़े मिलने पर 350 रुपये जुर्माना किया गया है. यह जुर्माना दूध की सप्लाई करने वाले देवभोग कंपनी पर नहीं बल्कि उसे मैनपाट तक परिवहन करके लाने वाले पर किया गया है. इस जुर्माने के अलावा दूध का परिवहन करने वाले पर छः पैकेटो के खराब हो जाने के कारण प्रति पैकेट बावन रुपया पचास पैसे की दर से तीन सौ पन्द्रह रुपये अलग से वसूला जायेगा.

आंगनबाड़ी केन्द्र में दूध के पैकेट की शिकायत पाये जाने पर कार्यक्रम अधिकारी चंद्रबेश सिसोदिया शनिवार को मैनपाट पहुंचे. उन्होंने टेट्रा पैक के स्थान पर पॉलीपैक में अमृत दूध सप्लाई किये जाने पर यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह देवभोग का विषय है.

दूध के परिवहनकर्ता पर साढ़े तीन सौ रुपयों का जुर्माना लगाये जाने पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा कि यह मामलें पर कार्यवाही न करके उसे हल्के ढ़ंग से लेना है. उन्होंने कहा इस मामलें को कांग्रेस छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में उठायेगी.

उन्होंने कहा कि एक अच्छी योजना के क्रियांवयन में लापरवाही बरती जा रही है जिससे बच्चों का नुकसान हो रहा है. टीएस सिंहदेव ने दूध के पैकेट पर कीड़े मिलने पर की गई कार्यवाही को लापरवाही पूर्ण करार दिया है.

कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रबेश सिसोदिया ने कहा कि घर में उपयोग किये जाने वाले दूध को भी बेहतर तरीके से रखा जाता है, ताकि उसमें किसी प्रकार की खराबी न आ जाये. इसी प्रकार बच्चों को पिलाने के लिए मिलने वाले दूध के पैकेट की जांच भी पूरी सावधानी के साथ रखना होगा, ताकि पैकेजिंग एवं रख-रखाव के दौरान किसी तरह की खराबी आने पर संबंधित दूध का सेवन न कराया जाये.

उन्होंने कहा कि है कि यू.एच.टी. विधि से निर्मित दूध की पैकेजिंग के दौरान पूरी सावधानी बरती जाती है तथा उसके गुणवत्ता की जांच भी की जाती है. इसके बावजूद भी संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दूध पिलाने से पूर्व पैकेट की सूक्ष्मता से जांच करने के निर्देश दिये गये है.

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में कुपोषण दूर करने के लिये बांटे जाने वाले दूध में कीड़े मिले हैं. छत्तीसगढ़ के सरगुजा के मैनपाट में बच्चों को बांटे जाने वाले अमृत दूध के पैकेट के ऊपर कीड़े लगे हुये पाये गये.

छत्तीसगढ़ में मई माह से मुख्यमंत्री अमृत योजना शुरु की गई है. जिसके तहत राज्य के 50 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रो में तीन से छः साल के बच्चों को सप्ताह में एक दिन मीठा दूध दिया जा रहा है. इसके लिये धन राज्य सरकार की ओर से दिया जा रहा है. आंगनबाड़ी केन्द्रो में पहले से ही कुपोषण दूर करने के लिये बच्चों को गर्म नाश्ता दिया जा रहा है.

इस साल लोक सुराज अभियान के समय मुख्यमंत्री अमृत योजना का शुभारंभ किया गया.

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