अमित जोगी पर 5 हज़ार का जुर्माना

Monday, April 6, 2015

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अमित जोगी

बिलासपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने विधायक अमित जोगी पर 5 हज़ार रुपये का जुर्माना किया है. असल में मरवाही से अमित जोगी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली भाजपा की समीरा पैकरा की एक याचिका पर अमित जोगी को नोटिस जारी किया गया था. लेकिन वह नोटिस बार-बार बताये पते से लौट जाता था.

पिछले साल कोर्ट के निर्देश पर याचिका कर्ता ने जानकारी लेकर कोर्ट को बताया कि अमित जोगी अनुग्रह बंगला रायपुर में रहते है. कोर्ट ने जब पूछा कि यह पता कहां से हासिल किए तो याचिका कर्ता ने बताया कि अमित जोगी ने चुनाव में जो नामांकन पत्र पेश किया था, उसी में यह पता लिखा हुआ है. अमित जोगी के पते से बार-बार नोटिस वापस लौटने के मुद्दे पर अदालत ने नाराजगी जताई और 5 हज़ार रुपये का जुर्माना किया.

गौरतलब है कि समीरा पैकरा ने इससे पहले चुनाव के समय भी चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी. उस समय भी उन्होंने आरोप लगाया था कि अमित जोगी द्वारा आयु के संबंध में अलग-अलग जानकारी दी गई है और उनके द्वारा किए गए उल्लेख से यह स्पष्ट नहीं होता कि वास्तव में उनकी आयु कितनी है.

समीरा ने आरोप लगाया था कि अमित जोगी कि अनुसूचित जनजाति के संबंध में पेश किए गए जातिप्रमाण पत्र में भी वसंगतियां हैं. समीरा ने दावा किया था कि अमित जोगी ने अमरीकी नागरिकता छोड़े बिना भारतीय नागरिकता हासिल की है और वे चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया की वैधानिकता को सवालों के घेरे में खड़ा किया था.

अपनी याचिका में भी समीरा पैकरा ने इन्हीं मुद्दों को उठाया है. इस याचिका में समीरा पैकरा ने आरोप लगाया है कि अमित जोगी ने 28 अक्टूबर को पेंड्रा रोड के तहसीलदार को जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिया था. तहसीलदार ने उसी दिन जांच पूरी कर पेंड्रारोड एसडीएम को जांच रिपोर्ट सौंप दी थी.

समीरा का आरोप है कि एसडीएम ने 31 अक्टूबर को अमित जोगी को अस्थाई जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया और अमित जोगी ने उसी जाति प्रमाण-पत्र के जरिये अपना नामांकन दाखिल कर दिया, जबकि निर्वाचन आयोग के नियमानुसार नामांकन जमा करते वक्त फार्म के साथ स्थाई जाति प्रमाण-पत्र जमा करना अनिवार्य होता है.

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