छत्तीसगढ़ में कन्या जन्मोत्सव अभियान

Tuesday, October 14, 2014

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छत्तीसगढ़ लिंगानुपात

रायपुर | संवादाता: बेटियों के जन्म को छत्तीसगढ़ में उत्सव के रूप में मनाया जाएगा. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशा के अनुरूप राज्य में कन्या जन्मोत्सव अभियान की शुरूआत हो रही है. महिला और बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशिला साहू गुरूवार 16 अक्टूबर को सरगुजा जिले के मुख्यालय अम्बिकापुर में इस अभियान की शुरूआत करेंगी.

छत्तीसगढ़ में कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम और बालिकाओं के अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता लाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है. कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए आगामी दिसम्बर माह में पूरे राज्य में एक ही दिन बालिका महोत्सव का भी आयोजन किया जाएगा. दोनों आयोजनों में जनप्रतिनिधियों और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के समन्वय से बालिकाओं के प्रति समाज में सकारात्मक सोच लाने का प्रयास होगा.

गौरतलब है कि जनगणना 2011 के आकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ के बस्तर, दंतेवाड़ा, महासमुंद, राजनांदगांव, धमतरी, कांकेर, जशपुर में पुरुषों की तुलना में स्त्रियों का अनुपात 1000 से ज्यादा है. वहीं बड़े शहरों रायपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़ व बिलासपुर में यह अनुपात कम है.

2011 की जनगणना के मुताबिक देश में स्त्रियों का अनुपात प्रति 1000 पुरुषों की तुलना में 940 है. वहीं, छत्तीसगढ़ का औसत 991 है. छत्तीसगढ़ की स्थिति अन्य राज्यो की तुलना में बेहतर है लेकिन यह बढ़त मिली है छोटे शहरों और कस्बों से. बस्तर में कन्याओं का अनुपात सबसे ज्यादा 1024 है, फिर क्रमश: दंतेवाड़ा 1022, महासमुंद 1018, राजनांदगांव 1017, धमतरी 1012, काकेंर 1007 तथा जशपुर 1004 है.

इसकी तुलना में कोरबा 971, बिलासपुर 972, रायपुर 983, दुर्ग 988 एवं रायगढ़ 993 है. अर्थात सबसे कम स्त्रियों का अनुपात कोरबा तथा बिलासपुर का है.

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि कन्या जन्मोत्सव अभियान के दौरान नागरिकों को बालिकाओं के अधिकारों और कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी जाएगी. इस दौरान कन्या भ्रूण हत्या पर भी रोक लगाने व बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने के साथ ही किशोरी बालिकाओं को संगठित भी किया जाएगा.

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