किसान सस्ते में धान बेचने मजबूर

Sunday, December 18, 2016

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नोटबंदी

अंबिकापुर | संवाददाता: सरगुजा के हाट-बाजारों में किसान हजार रुपये में धान बेचने पर मजबूर हो रहें हैं. देर से आ रही धान की फसल तथा नोटबंदी के चलते किसान 1400-1500 में बिकने वाले धान को बिचौलियों को 1000 हजार रुपये क्विंटल बेचने को मजबूर हो रहें हैं.

इस बार पंजीकरण की अनिवार्यता के चलते किसानों के पास हाट-बाजार में अपना धान लेकर आने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है. जहां पर बिचौलिये नोटबंदी की हवाला देकर उनका शोषण कर रहें हैं.

बिचौलियों ने हजार रुपये धान खरीदने का मूल्य रखा है. बाजार में पहुंचने के बाद किसानों के पास बिचौलियों को अपना धान बेचने के अलावा और कोई चारा नहीं रह जाता है.

पहले से समर्थन मूल्य पर धान बेचने को घाटा बताने वाले किसान अब मात्र हजार रुपयों में सौदा करके वापस लौट रहें हैं. जिसका ग्रमीण अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ना लाजिमी है.

जाहिर है कि कम कीमत में धान बेचने वाले गांव के बाजारों से अन्य सामानों की खरीददारी भी कम करेंगे.

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