‘जीत हार से क्या..’

Tuesday, October 29, 2013

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छत्तीसगढ़ चुनाव

रायपुर | एजेंसी: कुछ लोग चुनाव मैदान में जनसेवा करने या अपने कैरियर को चमकाने के लिए उतरते हैं, पर कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें जनसेवा से कोई लेना देना नहीं होता और वे केवल चुनावी राजनीति का मजा लेने के लिए चुनाव लड़ते हैं.

छत्तीसगढ़ की राजधानी के दक्षिण सीट से ऐसे ही एक प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं जिनका उद्देश्य न जनसेवा है और न वह अपने कैरियर में राजनीति का तड़का लगाना चाहते हैं, बल्कि वह सिर्फ चुनावी राजनीति का मजा लेना चाहते हैं और ‘लोकप्रिय’ होना चाहते हैं.

राजधानी के सदर बाजार निवासी पारस सोनी पेशे से व्यवसायी हैं. सोनिका ज्वेलर्स के नाम से सोने चांदी का कारोबार करते हैं और सिर्फ अपना शौक पूरा करने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं. सोमवार को वह ढोल ताशों और समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे.

सोनी का जुलूस सदर बाजार से निकला. जुलूस के आगे नाचते हुए चल रहे सोनी घंटों लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे. बीच-बीच में वे लोगों से हाथ मिलाते और वोट देने की अपील करते भी नजर आए. निर्दलीय प्रत्याशी का आत्मविश्वास देखकर रास्ते से गुजरने वाले लोग भी मुस्कुराए बगैर न रह सके.

उल्लेखनीय है कि राजधानी की जिस सीट से पारस सोनी चुनाव लड़ रहे हैं, वह प्रदेश के कद्दावर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की परंपरागत सीट है. यहां बतौर कांग्रेस प्रत्याशी किरणमयी नायक उन्हें कड़ी टक्कर दे रही हैं. बृजमोहन इस सीट से पांच बार जीत दर्ज कर चुके हैं और हर बार उनके जीत का अंतर बढ़ता रहा है.

इस बार उन्हें टक्कर देने के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के साथ ही पारस सोनी जैसे कई आम लोग भी चुनाव मैदान में खड़े हैं, जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है. पारस सोनी को अपने आप पर पूरा भरोसा है, वह कहते हैं परिणाम चाहे जो भी हो पर चुनाव लड़ने का अगर फैसला किया है तो उस पर वह अडिग रहेंगे और अपने पक्ष में जमकर प्रचार भी करेंगे.

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