छत्तीसगढ़: जोगी मुक्त कांग्रेस कब तक?

Saturday, June 11, 2016

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छत्तीसगढ़ कांग्रेस

रायपुर | समाचार डेस्क: जोगी मुक्त छत्तीसगढ़ कांग्रेस की राज्य स्तरीय बैठक में उन्हें जमकर कोसा गया. छत्तीसगढ़ कांग्रेस की शुक्रवार को राजधानी रायपुर में विस्तृत कार्यकारिणी की बैठक हुई जिसमें जोगी समर्थक विधायकों ने भी शिरकत की. कांग्रेस विधायक दल की उप नेता रेणु जोगी ने बैठक में भाग नहीं लिया. इस सभा में जोगी के होने से संगठन खेमें के नेता खुश हैं कि अब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का एक हो गई है.

लेकिन जोगी से मुक्ति के बाद भी सवाल इस बात का है कि क्या कांग्रेस को वाकई में जोगी से जूझने से मुक्ति मिल गई है. वास्तविकता ठीक इसके उलट है. जो जोगी पहले संगठन के अंदर संगठन खेमें के लिये परेशानी तथा भीतरघात के सबब बनते रहें हैं क्या वे चुपचाप बैठ जाने वालें हैं. राजनीति का कोई नौसिखिया भी इस पर टिप्पणी कर सकता है कि नई पार्टी बनाकर जोगी उनके लिये ठीक उसी तरह से चुनौती बन सकते हैं जैसे कभी जोगी के राज में विद्याचरण शुक्ल ने राकांपा बनाकर 7 फीसदी वोट हासिल कर जोगी को सत्ता तक जाने से रोक दिया था.

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा से मात्र 0.70 फीसदी वोट ही कम मिले थे. जिसके कारण कांग्रेस की सरकार न बन सकी थी. क्या अजीत जोगी में इतनी भी कसर बाकी नहीं है कि वे विद्याचरण शुक्ल के माफिक कुछ फीसदी वोट हासिल कर कांग्रेस को 2018 के विधानसभा में भी शिक्कत दे सकते हैं.

छत्तीसगढ़ में जोगी को नकारा नहीं जा सकता

बेशक, जोगी अब कांग्रेस में नहीं हैं परन्तु जब वे खुलकर मैदान में उतरेंगे तो सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस का ही होने वाला है. सत्तारूढ़ भाजपा का गणित भी गड़बड़ा सकता है परन्तु कांग्रेस को क्षति होगी यह तय है. माना कि फिलहाल जोगी समर्थक विधायक संगठन के सुर में सुर मिला रहें हैं परन्तु ऐन विधानसभा चुनाव के समय मौका देखकर वे चौका लगाने से नहीं चूकेंगे इसकी क्या गारंटी है. यह जोगी विधायकों की रणनीति भी हो सकती है कि फिलहाल मुंडेर पर बैठकर ही बाकी का ढ़ाई साल काट लिया जाये.

यह राजनीति के चतुर सुजान जोगी की रणनीति भी हो सकती है कि फिलहाल जो विधायक हैं उन्हें बागी न बनाकर संगठन में नीचे से शुरुआत की जाये. उल्लेखनीय है कि युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष योगेश तिवारी के साथ ही जांजगीर-चांपा से प्रदेश सचिव गिरधारी यादव ने शुक्रवार को कांग्रेस छोड़ने की घोषणा की. उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को अपना इस्तीफा भेज दिया है. तिवारी के समर्थकों ने भी प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को ई-मेल भेजकर कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.

दुविधा में जोगी समर्थक विधायक ?

दूसरी तरफ जोगी का इरादा क्षेत्रीय क्षत्रप बनने का दिख रहा है. खबरों के अनुसार अजीत जोगी की नई पार्टी के नाम की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कवर्धा जिले में स्थित गांव ठाठापुर में एक जुलाई हो सकती है. इसमें इनमें जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता शरद यादव, जदयू अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तेलंगाना राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष एवं तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, बीजू जनता दल के अध्यक्ष एवं ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी शामिल होने का दावा किया जा रहा है.

जोगी का दावा अगली सरकार उनकी

#AjitJogi ममता बनर्जी बन पायेंगे ?

ऐसा नहीं है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेता इस बारें में सतर्क नहीं है. शुक्रवार की कांग्रेस की बैठक में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने जोगी से ताल्लुक रखने वाले नेताओं को सीधा संदेश दिया कि जो पार्टी में नहीं हैं, उनसे जुड़ने का कोई मतलब नहीं है. उनको पार्टी लाइन पर चलने का फरमान जारी करते हुये बघेल ने कहा कि यदि किसी बात पर असहमति हो तो बंद कमरे में चर्चा करें, आवाज बाहर नहीं जानी चाहिये. उन्होंने इन नेताओं का भरोसा जीतने की भी भरसक कोशिश की. उन्होंने कहा कि नेताओं को प्रदेश कांग्रेस कमेटी में शामिल किया जायेगा. यहीं नहीं, जरूरत पड़ने पर ब्लॉक और जिले स्तर पर भी बदलाव किया जायेगा.

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने 21 जून को मरवाही में शक्ति प्रदर्शन करने की घोषणा की है. यदि वाकई में अजीत जोगी में दम नहीं है तो उनके गढ़ में जाकर उन्हें तवज्जों देने की क्या जरूरत है. छथ्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं को भी अहसास है कि उन्हें सत्तारूढ़ भाजपा से पहले अजीत जोगी से टकराना पड़ेगा. क्या इसके बाद भी दावा किया जा सकता है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस जोगी मुक्त हो गई है? जरा गौर कीजिये शुक्रवार की बैठक में छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रमन सरकार के खिलाफ़ राजनीतिक प्रस्ताव पास किया है परन्तु कार्यवाही की शुरुआत जोगी के गढ़ मरवाही में करने की घोषणा की गई है !

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