जानवरों से जनहानि का बढ़ा मुआवजा

Friday, July 18, 2014

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रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में जानवरों द्वारा मारे जाने पर तीन लाख का मुआवजा मिलेगा. अब जंगली जानवरों के हमलों में मृत्यु होने की स्थिति में मृतक के परिवार को मिलने वाली मुआवजा राशि दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख रूपये कर दी गई है.

स्थायी रूप से अपंग होने पर प्रभावित व्यक्ति को दी जाने वाली मुआवजा राशि 75 हजार रूपए से बढ़ाकर डेढ़ लाख रूपए कर दी गई है. घायल व्यक्ति को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि 20 हजार रूपए से बढ़ाकर 40 हजार रूपए की गई है और पशु हानि की स्थिति में दी जाने वाली मुआवजा राशि 15 हजार रूपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए कर दी गई है.

शुक्रवार को छत्तीसगढ़ केबिनेट ने जंगली जानवरों के हमले में मृत्यु अथवा घायल होने के प्रकरणों में दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि बढ़ाने का भी निर्णय लिया. प्रदेश में ऐसे मामलों में क्षतिपूर्ति का प्रावधान वर्ष 1977 से लागू है, इसके अंतर्गत 22 सितंबर, 2010 को क्षतिपूर्ति राशि की दरों में संशोधन किया गया था. लगभग साढ़े तीन साल में विभिन्न वस्तुओं की मूल्य वृद्धि को ध्यान में रखकर मंत्रिपरिषद ने आज पुनः इन दरों को संशोधित कर बढ़ाने का निर्णय लिया.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन वन विभाग द्वारा हिंसक वन्य प्राणियों द्वारा जनहानि होने पर मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है. वन विभाग द्वारा हिंसक वन्य प्राणि जैसे तेंदुआ, भालू, लकड़बग्घा, भेडिय़ा, जंगली सुअर, गौर, जंगली हाथी, जंगली कुत्ता, मगरमच्छ, घडिय़ाल, वन भैंसा एवं सियार द्वारा पशुओं एवं मनुष्यों को क्षति पहुंचाए जाने पर मुआवजा दिया जाता है.

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