तमिलनाडु में बंधक 6 छत्तीसगढ़ी

Saturday, February 13, 2016

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छत्तीसगढ़ रोजगार गारंटी

रायपुर | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ के बीजापुर तथा नारायणपुर के 6 मजदूर तमिलनाडु में बंधक हैं. इनको रिहा कराने प्रशासन ने तुरंत तमिलनाडु टीम भेजने का आदेश दिया है. तमिलनाडु के चेन्न्ई व तिरुपति की सीमा में स्थित पुनगुर में इन मजदूरों को वहां पर जेसीबी मशीन पर कार्य कराया जा रहा है. इनमें से लक्ष्मण, विजय, तिरुपति और अशोक भागकर अपने गांव आ गये हैं जबकि 6 मजदूर अभी भी वहां बंधक बनाकर रखें गये हैं.

इन बंधक मजदूरों के नाम हैं लखन, राजेश पुनेम, हरीश ककेम तथा संतोष कोरसा. इसके अलावा दो महिलायें भी वहां पर बंधक है.

बताया जा रहा है कि साल 2015 में 10 लोग काम की तलाश में चेन्नई गये थे. वहां पर उनसे जेसीबी मशीन पर बंधुवा की तरह से काम कराया जा रहा है.

छत्तीसगढ़ से काम की तलाश में मजदूर दिगर प्रातों में जाते हैं जिन्हें अक्सर वहां पर बंधक बना लिया जाता है. उन्हें न तो ठीक से खाना दिया जाता है और न ही रहने की उचित व्यवस्था की जाती है.

उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2015 में बस्तर के ही 28 मजदूरों को तमिलनाडु में बंधक बनाके रखे जाने का मामला सामने आया था. उशके बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप करके उन्हें वहां से छुड़ाया था.

छत्तीसगढ़ से पलायन होता है:
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह से 9 अगस्त 2015 को भारतीय मजदूर संघ की रायपुर बैठक में स्वीकार किया कि, ” राज्य निर्माण के समय जहां छत्तीसगढ़ से लगभग पांच लाख मजदूर रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों में जाते थे, अब केवल दस-बारह हजार लोग ही जाते हैं.”

मार्च 2015 में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के सवाल के जवाब में राजस्व विभाग के मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने बताया, ” वर्ष 2012 से 2015 तक 95924 लोगों ने राज्य से पलायन किया है.” उन्होंने बताया कि वर्ष 2012-13 में 22149 मजदूरों ने, वर्ष 2013-14 में 27830 मजदूरों ने और वर्ष 2014-15 में 45945 मजदूरों ने छत्तीसगढ़ से दूसरे राज्यों में पलायन किया है. मंत्री ने बताया कि वर्ष 2012 से वर्ष 2015 के मध्य राज्य के जांजगीर चांपा जिले से 29190 मजदूरों ने, बलौदाबाजार जिले से 23005 मजदूरों ने, महासमुंद जिले से 16378 मजदूरों ने, बेमेतरा जिले से 10180 मजदूरों ने, राजनांदगांव जिले से 9419 मजदूरों ने, मुंगेली जिले से 6346 मजदूरों ने, रायगढ जिले से 625 मजदूरों ने, बिलासपुर जिले से 456 मजदूरों ने, बालोद जिले से 145 मजदूरों ने, जशपुर जिले से 118 मजदूरों ने तथा कोरबा जिले से 62 मजदूरों ने पलायन किया है.

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