छत्तीसगढ़: जंगली सूअर का शिकार

Friday, March 27, 2015

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जंगली सूअर

रतनपुर | उस्मान कुरैशी: वन परिक्षेत्र रतनपुर के पोड़ी गांव में वन अफसरों की उदासीनता ने शिकार में तीर लगने से घायल एक मादा सूअर की जान ले ली. हद तो तब हो गई जब सूचना के बाद भी वन अमला मौके पर नही पहुंचा और रात भर सूअर का शव मौके पर पड़ा रहा .

छत्तीसगढ़ में बिलासपुर के रतनपुर वन परिक्षेत्र के पोड़ी मोहदा गांव में शिकार से घायल एक मादा सूअर की मौत हो गई है. ग्रामीणों के मुताबिक गुरूवार की दोपहर एक सूअर बदहवाश हालत में भागता हुआ आया और भूतहा तालाब में घुस गया. वह तालाब के भीतर पानी में तड़पने लगा. जंगली सूअर की इस हरकत से ग्रामीण भी सकते में आ गए. उन्होने घटना की सूचना मोबाईल पर वन विभाग के अफसरों को देनी चाही पर रेंज अफसर श्रीपंडा का मोबाईल बंद मिला वहीं, एसडीओ एच बी खान ने मोबाईल रिसीव नहीं किया. कुछ घंटे बाद घायल सूअर की तड़प-तड़प कर मौत हो गई.

मीडिया कर्मियों ने शाम में घटना की जानकारी डीएफओ आनंद मसीह सहित एसडीओ एचबी खान को दी . इसके बाद भी देर रात तक वन विभाग के अफसर मौके पर नहीं पहुंचे. भूतहा डबरी में मरे सूअर को ग्रामीणों ने पानी के बाहर निकाला तब उसके पीछे के हिस्से में तीर लगने का खुलासा हुआ. दो दिन पहले ऐसी ही बदहवासी के हालत में एक नर सूअर महामाया मंदिर परिसर में घुस आया था जिसने दो महिलाओं को काटकर घायल कर लिया था. इस नये मामले के खुलासे के बाद आशंका व्यक्त की जा रही है. कि वो भी शिकारियों से बचने जंगल से शहर की ओर आया होगा.

प्रत्यक्षदर्शी नवागांव डोंगी के उपसरपंच महावीर साहू दोपहर करीब बारह बजे वे रतनपुर से लौट रहे थे तो उन्होने घायल सूअर को भूतहा डबरी में तड़पते देख इसकी सूचना वन अफसरों को देनी चाही पर उनके मोबाईल के स्वीच आफ होने का संदेष सुनने को मिला. घायल सूअर की बदहवासी देख ग्रामीण उसके पास जाने से घबरा रहे थे. उनका मानना है कि वन अफसर मौके पर पहुंच जाते तो शायद घायल सूअर की जान बच सकती थी.

शिकार में घायल हिरण की मौत पर नाराजगी जताते पोड़ी मोहदा उप सरपंच के यासीन खान कहते है कि रतनपुर वन परिक्षेत्र के जंगलों में शिकार का ये पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी चीतल सहित शिकार में घायल अनेक वन्य जीवों के मौत के मामले सामने आ चुके है. पर वन विभाग में कायम जंगल राज के चलते न तो अधिकारी मुख्याल्य में रहते हैं और ना ही कर्मचारी जंगल की रखवाली करते है. जिसके चलते ही शिकार की घटनाएं लगातार बड़ रही है.

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