छत्तीसगढ़ से 5हजार लड़कियों की तस्करी

Saturday, November 22, 2014

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लड़किय़ों की मानव तस्करी

नई दिल्ली | संवाददाता: छत्तीसगढ़ से 11 साल में 5000 लड़कियों की तस्करी कर दिल्ली ले जाया गया. इसका खुलासा 19 नवंबर को दिल्ली के शकुरपुरा से गिरफ्तार कथित प्लेसमेंट एजेंसी से संचालक पन्नालाल ने पुलिस को लिखित बयान में बताया है. गौर करने वाली बात यह है कि यह वह आकड़ा है जिसे स्वीकार किया गया है वस्तुतः वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा की होगी.

पन्नालाल ने पुलिस को दिये बयान में बताया कि उसने वर्ष 2003 से छत्तीसगढ के जशपुर तथा रायगढ़ से 5000 से भी ज्यादा लड़कियों की दिल्ली के लिये तस्करी की है. जिसका निष्कर्ष है कि एक दलाल ने प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ के 2 जिलों से करीब 454 लड़कियों की तस्करी की है अर्थात् प्रति 5 दिन में 6 बच्चों को अगुआ करके ले जाया गया है. इसके अलावा भी और कई पन्नालाल होंगे जो अभी तक पकड़े नहीं गयें हैं.

इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि छत्तीसगढ़ में सक्रिय दलालों ने कितनी छत्तीसगढ़ी माताओं के बच्चों का हरण किया है. मानव तस्करी के आरोपी पन्नालाल ने स्वीकार किया है कि अपने प्लेसमेंट एजेंसी में उन्होंने लड़कियों की उम्र 18 से उपर की दर्ज की है. इस काम के लिये पन्नालाल के कई एजेंट छत्तीसगढ़ में तैनात हैं. जाहिर है कि मामला अत्यंत गंभीर किस्म का है जिस पर तुरंत लगाम लगाये जाने की जरूरत है.

गौरतलब है कि इन लड़कियों को काम दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर दिल्ली ले जाया जाता है जहां पर उन्हें बंधक बनाकर रखा जाता है. वाजिब दाम मिलने पर इन लड़कियों को घरेलू काम-काज या सेक्स रैकेटिंग के लिये बेच दिया जाता है. जाहिर है कि मानव तस्करी, छत्तीसगढ़ के लिये एक सामाजिक समस्या बनकर उभर रही है. जिसके मूल में गरीबी तथा बेरोजगारी है.

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