36 गढ़ में बनेंगे 36 हाउसिंग सिटी

Sunday, August 30, 2015

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रायपुर

नई दिल्ली | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के 36 शहरों को शहरी गरीबों के हाउसिंग सिटी के रूप में विकसित किया जायेगा. इसकी घोषणा केन्द्र के शहरी विकास मंत्रालय ने की है. छत्तीसगढ़ के दो शहरों रायपुर तथा बिलासपुर को पहले ही स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की घोषणा हो चुकी है. इसके अलावा हाउसिंग फॉर आल के तहत हाउसिंग सिटी भी बनाये जायेंगे. जिसमें छत्तीसगढ़ के अहिवारा, बालोद, बलौदाबाजार, भाटापारा, भिलाई, चरौदा, भिलाई नगर, बीजापुर, बिलासपुर, बीरगांव, चांपा, चिरमिरी, दंतेवा़ड़ा, धमतरी, गोबरानवापारा, दुर्ग, जगदलपुर, जशपुरनगर, कांकेर, कवर्धा, कोंडागांव, कोरबा, महासमुंद, माना कैंप, मनेंद्रगढ़, मुंगेली, नैला-जांजगीर, नारायणपुर, पेंड्रा, रायगढ़, रायपुर, राजनांदगांव, सुकमा, अंबिकापुर, बड़े बचैली, बागबहरा, बैकुंठपुर शामिल हैं.

हाउसिंग सिटी की योजना में छत्तीसगढ़-36, मध्यप्रदेश-74, गुजरात-30, जम्मू-कश्मीर-19, झारखंड-15, केरल-15, ओडिशा-42, राजस्थान-40 और तेलगांना के 34 शहर और कस्बों को शामिल किया गया है.

स्मार्ट और अमृत शहरों के बाद केद्र सरकार ने अब देश भर में हाउसिंग सिटी भी बनाने की तैयारी में है. यह सभी ऐसे शहर होंगे, जहां सभी योजनाओं के तहत शहरी गरीबों के लिए सस्ती दरों पर आवास बनाए जाएंगे. इस प्रोजेक्ट में वैसे तो अब तक देश के नौ राज्यों के करीब 305 शहरों को शामिल किया गया है. हाउसिंग फार ऑल प्रोजेक्‍ट के लिए केंद्र सरकार अगले सात सालों में 3 लाख करोड़ रुपए की राशि देगी.

स्‍मार्ट सिटी, अटल मिशन फार रीज्‍यूविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन, अमृत और हाउसिंग फार ऑल- 2022 तीनों एनडीए सरकार के फ्लैगशिप कार्यक्रम हैं. दुनिया के 17 से 18 देश स्‍मार्ट सिटी परियोजना के सहभागी बनने के लिए राजी हो गए हैं. केंद्र सरकार इन तीनों योजनाओं के लिए करीब चार लाख करोड़ रुपए देगी.

स्‍मार्ट सिटी और अमृत योजनाओं के लिए अगले पांच साल में केंद्रीय बजट से क्रमश: 48 हजार करोड़ और 50 हजार करोड़ दिए जाएंगे. चालू वित्‍त वर्ष 2015-16 में पहले 20 शहरों का स्‍मार्ट सिटी मिशन के लिए चयन किया जाएगा. इसके बाद 2016-17 में 40 और 2017-18 में 40 स्‍मार्ट सिटी का चयन किया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि हाउसिंग फॉर आल की घोषणा प्रधानमंत्रई मोदी ने 25 जून 2015 को की थी. जिसमे अर्बन पीपल अर्थात शहरी गरीब जनता को कम ब्याज पर घर के लिए लोन, साथ ही सब्सिडी जैसी योजनायें शामिल की हैं जिनका मुख्य उद्देश्य जनता के लिए उनका स्वयं का घर हो, यह सपना पूरा करने में उनकी मदद करना हैं.

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