मृत्युदंड समस्या का समाधान नहीं: एमनेस्टी

Friday, September 13, 2013

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एमनेस्टी इंटरनेशनल

नई दिल्ली | एजेंसी: दिल्ली गैंगरेप मामले के चार दोषियों को मृत्युदंड दिए जाने के मद्देनज़र अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि मौत की सज़ा किसी भी सुधारवादी प्रक्रिया का कारगर तरीका नहीं है. संस्थान का कहना है कि ऐसे मामलों में दूरगामी प्रक्रिया और संस्थागत सुधार की जरूरत है, मौत की सजा की नहीं.

एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के निदेशक तारा राव ने कहा, “दिल्ली में पिछले वर्ष एक युवती के साथ दुष्कर्म और हत्या अत्यंत डरावना अपराध है और पीड़िता के परिवार के प्रति हमारी गहरी संवेदना है. जो भी इसके लिए जिम्मेवार हैं उन्हें सजा अवश्य मिलनी चाहिए, लेकिन मौत की सजा समाधान नहीं हो सकता है.”

उन्होंने कहा, “इन चारों को फांसी देना कुछ और नहीं बल्कि एक छोटा सा बदला लेना होगा. इस मामले को लेकर बड़े पैमाने पर उभरा गुस्सा ध्यान देने के लायक है, फिर भी अधिकारियों को मौत की सजा को ‘तुरत-फुरत समाधान’ के रूप में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.”

राव ने एक बयान में कहा है, “इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि मौत की सजा किसी खास तरह के अपराध की रोकथाम करने में कारगर हुआ है और इसके इस्तेमाल से भारत में महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा को भी खत्म नहीं किया जा सकेगा.”

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