सुनिल कुमार से डरता कौन है?

Tuesday, September 24, 2013

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सुनिल कुमार

रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में मुख्य सचिव सुनिल कुमार के खिलाफ मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मोर्चा खोल दिया है. अपने ही खिलाफ सीबीआई की जांच की मांग करने के बाद से ही देश के बेहद ईमानदार और स्वच्छ छवि के आईएएस सुनिल कुमार ने सरकार को परेशानी में डाल दिया था. लेकिन इस मामले में बृजमोहन अग्रवाल के कूदने के बाद से राज्य भर में अफवाहों का बाजार गरम है. उनका साथ देने के लिये मंगलवार को छत्तीसगढ़ सरकार के 4 और मंत्री भी आ गये और मांग रखी कि सुनिल कुमार को पद से हटाया जाये. लेकिन रमन मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मंगलवार को खबर आई कि न तो सुनिल कुमार हटाए जायेंगे और ना ही सुनिल कुमार की सीबीआई जांच होगी. हालांकि इन खबरों के बाद भी यह बात साफ हो गई है कि मामला फिलहाल तो शांत होने से रहा.

इधर खबर है कि मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मंगलवार की शाम सुनिल कुमार दिल्ली रवाना हो गये हैं और यही खबर कई राजनेताओं के बीच चर्चा का सबब बना हुआ है कि सुनिल कुमार दिल्ली क्यों गये?

कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष रवींद्र चौबे ने सवाल उठाया है कि आखिर सुनिल कुमार ने तो अपने ही खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की थी. फिर रमन सिंह सरकार के मंत्रियों को क्या परेशानी हुई. रवींद्र चौबे का कहना है कि मामले की सीबीआई जांच होती तो कई नेताओं के चेहरे उजागर हो जाते. लेकिन सीबीआई जांच की मांग को स्वीकार करने के बजाये भ्रष्टाचार में लिप्त नेता डर गये. सुनिल कुमार की मांग में तो ऐसा कुछ भी नहीं था कि जिससे राज्य सरकार के मंत्री बौखला जाते.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव सुनिल कुमार, अपर मुख्य सचिव डीएस मिश्रा और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की प्रबंध संचालक रहीं आर संगीता के ख़िलाफ़ कथित भ्रष्टाचार की शिकायत की गई थी. केंद्र के मुख्य सतर्कता आयुक्त से की गई इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राज्य में फ़र्नीचर और साइकिल की ख़रीदारी में कथित रुप से घोटाला हुआ है. शिकायत में इन अफ़सरों पर उन सामानों को अधिक क़ीमत पर ख़रीदने के आरोप लगाए गए थे.

इस शिकायत को लेकर राज्य के मुख्य सचिव सुनिल कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर कहा था कि वे राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर बैठे हैं, ऐसे में उनके ख़िलाफ़ की गई शिकायत की जांच ठीक से नहीं हो पाएगी. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उनके ख़िलाफ़ की गई शिकायत की जांच सीबीआई से करवाना उचित होगा.

सुनिल कुमार अपने खिलाफ हुई शिकायत की ऐसी प्रतिक्रिया करेंगे, इसकी उम्मीद शिकायतकर्ताओं को भी नहीं रही होगी. शिकायत किनके इशारों पर हुई है, यह बात पिछले सप्ताह भर से राजनीतिक गलियारों में चर्चा में थी. लेकिन मंत्रीमंडल की बैठक से ऐन पहले राज्य के कद्दावर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल फट पड़े और मुख्यमंत्री से मुख्य सचिव सुनिल कुमार को हटाने की मांग रख दी.

कहा जा रहा है कि सुनिल कुमार ने अपने खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है तो वे यह बात जानते हैं कि सीबीआई की जांच में कौन से चेहरे जनता के सामने उजागर होंगे. ऐसा तो होने से रहा कि सीबीआई केवल इसी मुद्दे की जांच करके चुपचाप बैठ जाएगी. जांच होगी तो कई गड़े मुर्दे उखड़ेंगे और लाल होते कई चेहरे पर कालिख पूत जायेंगे.

चुनावी साल में कांग्रेस किसी भी हाल में इस मुद्दे को हाथ से नहीं जाने देना चाहती. कांग्रेस चाहती है कि सीएस की चिट्ठी के आधार पर सीबीआई की जांच अगर हो जाये तो सरकार को बैकफुट पर धकेलना उनके लिये सरल होगा. रमन सिंह अगर इसकी जांच करवाते हैं तो कांग्रेस के लिये यह चुनावी मुद्दा बन सकता है और नहीं करवाते हैं तो भी यह मुद्दा बनेगा. सवाल जांच के बाद के परिणामों का भी है, जिसके बाद कई राज फाश हो सकते हैं.

सोमवार को इस मामले में बृजमोहन अग्रवाल के सब्र का बांध टूट गया और मुख्य सचिव की अपने ही खिलाफ सीबीआई जांच की मांग पर वे फट पड़े. यहां तक कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर मुख्य सचिव को ही हटाने की मांग कर दी. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने मुख्य सचिव के अफसर ज्ञान पर सवाल उठाया और फिर सुनिल कुमार के ही इस्तीफे की मांग कर दी. जाहिर है, मंगलवार को होने वाली बैठक से पहले बृजमोहन अग्रवाल की यह राजनीति काम कर गई.

अंतत: मंत्रिमंडल की बैठक से पहले मुख्यमंत्री रमन सिंह ने राज्य के ताकतवर मंत्रियों बृजमोहन अग्रवाल, चंद्रशेखर साहू, ननकीराम कंवर, हेमचंद यादव और रामविचार नेताम के साथ अलग से बैठक की. पौन घंटे तक मुख्य सचिव सुनिल कुमार के मुद्दे पर चर्चा हुई और शाम तक इस मामले का पटाक्षेप इस तरह हुआ कि न तो मुख्य सचिव को हटाया जायेगा और ना ही इस मामले की सीबीआई से जांच होगी.

खबर है कि मंत्रिमंडल की बैठक खत्म होने के बाद जब नेता बयानबाजियों में व्यस्त थे, तब मुख्य सचिव सुनिल कुमार दिल्ली रवाना होने के लिये एयपोर्ट निकल चुके थे. अब यह सवाल अनुत्तरित है कि सुनिल कुमार दिल्ली क्यों गये ? लेकिन उससे बड़ा सवाल तो यही है कि सुनिल कुमार और सीबीआई की जांच से डरता कौन है ? जाहिर है, ऐसे सवालों से डरने वालों की एक लंबी फेहरिश्त हो सकती है और इसका ठीक-ठीक जवाब बृजमोहन अग्रवाल दे सकते हैं.

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