बलराज की गिरफ्तारी की जांच के आदेश

Tuesday, April 30, 2013

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

बिलासपुर | संवाददाता: रायपुर निवासी ट्रक ड्राइवर बलराज सिंह को पुलिस द्वारा 20 दिन तक अवैध तरीके से हिरासत में रखने के बहुचर्चित मामले में हाईकोर्ट ने बिलासपुर आईजी को तीन महीने में जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है.

गौरतलब है कि रायपुर की रहने वाली कुलविंदर कौर ने अधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा द्वारा 1 अप्रैल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाकर कहा था कि बिलासपुर की क्राइम ब्रांच उसके पति बलराज सिंह को 12 मार्च को हिर्री थाने के पास से अपने साथ ले गई है. बलराज सिंह को पुलिस पूछताछ के नाम पर ले गई थी लेकिन उनका अब तक अता-पता नहीं है.

अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुये 24 घंटे के भीतर बिलासपुर क्राइम ब्रांच को बलराज सिंह को पेश करने का आदेश दिया था. इसके बाद साइबर सेल में तब्दिल हो गई क्राइम ब्रांच ने दो अप्रैल को बलराज की कोलकाता में गिरफ्तारी दिखाते हुये जवाब पेश किया था. क्राइम ब्रांच ने दावा किया था कि उसे बिल्हा कोर्ट में पेश करने के बाद कोर्ट के आदेश पर रिमांड पर रखा गया है.

दूसरी ओर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर आदेश के बाद हाईकोर्ट में पेश किए गए बलराज ने बताया कि पुलिस उसे 12 मार्च को पकड़कर ले गई थी. उसे बिलासपुर के सिविल लाइन थाना, मस्तूरी, तारबाहर थाने में रखा गया, जहां उसकी पिटाई की गई. इसके बाद उसे कोलकाता ले जाया गया, जहां से उसे गिरफ्तार करना बताया गया.

इस मामले का दिलचस्प पहलू ये है कि अदालत द्वारा मांगी गई जानकारी पर हिर्री थाने ने बलराज सिंह को 2 अप्रैल को गिरफ्तार कर इसी दिन बिल्हा कोर्ट में पेश करने की जानकारी दी है. दूसरी ओर साइबर सेल ने दावा किया कि उसने बलराज को 1 अप्रैल को कोलकाता से गिरफ्तार किया है.

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