जेटली की बजट पोटली में क्या है ?

Wednesday, July 9, 2014

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अरुण जेटली-वित्त मंत्री

नई दिल्ली | संवाददाता: वित्त मंत्री जेटली गुरुवार को अपना बजटीय पिटारा खोलेंगे. उम्मीद की जा रही है कि उनके पिटारे में सभी वर्गो के लिये कुछ न कुछ तो जरूर रहेगा. हालांकि, 2013-14 के लिये प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण इस बात की गवाही दे रहें हैं कि जेटली के बजट रूपी पिटारे में कड़वी गोलियां भी शामिल रहेंगी.

इसके बावजूद अच्छे दिन आने वाले हैं के आकर्षण में आकर्षित जनता को बुरे दिनों दिनों से निजात पाने के लिये जेटली के इस पिटारे में उम्मीद की एक किरण नजर आ रही है. यह उम्मीद इसलिए भी की जा रही है क्योंकि मोदी ने रोजगार बढ़ाने, महंगाई से निजात दिलाने और विकास में तेजी लाने जैसे वादों की पूंछ पकड़कर चुनावी बैतरनी पार की है.

माना जा रहा है कि प्रथम बजट में जेटली आय पर कर छूट का दायरा बढ़ाने वाले हैं. अभी दो लाख रुपये की वार्षिक आय को कर के दायरे से बाहर रखा गया है. माना जा रहा है कि इसे बढ़ाकर तीन लाख किया जा सकता है.

कुछ खास तरह के खर्चो पर कर छूट की सीमा और पेंशन तथा जीवन बीमा पर कर छूट की सीमा भी बढ़ाए जाने की उम्मीद है.

जेटली ने वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र के लिए उत्पाद शुल्क में छूट की अवधि को छह महीने के लिए पहले ही बढ़ा दिया है. माना जा रहा है कि वह निवेश और औद्योगिक विकास तेज करने के लिए कर छूट के और भी कदम उठाएंगे.

जेटली ने हाल में कहा था कि सरकार अंधी लोकप्रियता के चक्कर में नहीं पड़ेगी और विकास में तेजी लाने तथा खर्च घटाने के लिए साहसिक कदम उठाएगी.

सरकार वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी को लागू करने के लिए एक योजना बना सकती है.

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स, फिक्की द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक बजट विकासोन्मुख होगा और इसमें उद्योग तथा निवेशकों की समस्याओं को दूर किया जाएगा.

अधिकतर कारोबारियों को उम्मीद है कि कराधान के पिछले प्रभाव से लागू होने की नीति समाप्त की जाएगी और जीएसटी तथा प्रत्यक्ष कर संहिता, डीटीसी को जल्द से जल्द लागू किया जाएगा.

भारतीय जनता पार्टी की चुनावी घोषणा को देखते हुए माना जाना चाहिए कि बजट में मूल्य स्थिरता कोष की घोषणा हो सकती है. सरकार सस्ते आवास क्षेत्र को भी बढ़ावा दे सकती है.

वित्त मंत्रालय विनिवेश से अधिकाधिकाधिक आय हासिल करने का लक्ष्य रख सकती है.

गुरुवार को संसद में वित्त मंत्री के बजट पेश किया जाने के पहले तक देश में कौतुहल बना रहेगा कि उनकी पोटली में किसके लिये, क्या है.

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